• HI
    • AR Arabic
    • CS Czech
    • DE German
    • EN English
    • ES Spanish
    • FA Farsi
    • FR French
    • HI Hindi
    • HI English (India)
    • HU Hungarian
    • HY Armenian
    • ID Bahasa
    • IT Italian
    • JA Japanese
    • KO Korean
    • MG Malagasy
    • MM Burmese
    • NL Dutch
    • NL Flemish
    • NO Norwegian
    • PT Portuguese
    • RO Romanian
    • RU Russian
    • SV Swedish
    • TA Tamil
    • TH Thai
    • TL Tagalog
    • TL Taglish
    • TR Turkish
    • UK Ukrainian
    • UR Urdu
Publication date 27 मार्च 2026

हमें अपने आसपास के लोगों के एहसासों के प्रति नर्मदिल होना चाहिए।

Publication date 27 मार्च 2026

क्या आपने कभी यह अंग्रेज़ी मुहावरा “सेव्ड बाई द बेल” सुना है? आजकल हम इस मुहावरे का इस्तेमाल, आख़री वक़्त में बचाएँ जाने के लिए करते हैं लेकिन कहा जाता है कि यह मुहावरा उस दौर से निकला है जब लोगों को दफ़नाते वक़्त, क़ब्र के भीतर एक छोटी-सी घंटी लगाई जाती थी, ताकि यदि किसी को ग़लती से ज़िंदा दफ़ना दिया गया हो, तो वह अंदर से घंटी बजाकर बाहर के लोगों को संकेत दे सके और दम घुटने से पहले उसे बचाया जा सके।

शायद यह मुहावरा उस मुजरिम पर बिल्कुल लागू किया जा सकता है जो यीशु मसीह के बग़ल के क्रूस पर चढ़ाया गया था। फ़र्क़ बस इतना है कि उस वक़्त “बचानेवालें के तौरपर”, यीशु मसीह ख़ुद वहा मौजूद था।

*“हम तो ठीक सज़ा पा रहे हैं, क्योंकि हमें वही मिल रहा है जो हमारे कामों के अनुसार है; लेकिन इस आदमी [यीशु मसीह] ने कुछ भी ग़लत नहीं किया।” फ़िर उस मुजरिम ने यीशु मसीह की ओर देखतें हुए कहा, “यीशु, जब आप अपने राज्य में आएँ तो मुझे याद करना।” यीशु ने उससे कहा, “मैं तुझ से सच कहता हूँ, आज ही तु मेरे साथ स्वर्गलोक में होगा।”लूका २३:४०–४३ HINOVBSI 

यह मुझे दो बातें याद दिलाती है:

  • बेबस हालात में, लोग कुछ भी स्वीकार करने के लिए तैयार होते हैं। उस आदमी के पास खोने के लिए कुछ भी नहीं था; वह अपनी ग़ुनाहगारी फ़ितरत को पूरी तरह समझता था और आख़री सहारे के तौर पर, यीशु मसीह की तरफ़ बढ़ा। कभी-कभी इंसान को बिल्कुल नीचे गिरना पड़ता है ताकि उसे एहसास हो कि उसे बचाए जाने की कितनी ज़रूरत है।मैंने बहुत सी ताक़तवर गवाहीयाँ सुनी हैं, जहा कई पढ़े-लिखे लोग जो कारोबार या मनोरंजन की दुनिया में क़ामयाब ज़िंदगी जी रहे थे, तब तक वे सुसमाचार और ख़ुदा की उद्धार देने वाली रहमत के लिए तैयार नहीं हुए, जब तक उनकी ज़िंदगी टूट-फूट नहीं गई।

  • हमें अपने आसपास के लोगों के एहसासों के प्रति नर्मदिल होना चाहिए। शायद आप किसी दोस्त, सहकर्मी, घर के किसी शख़्स या यहाँ तक कि किसी बिल्कुल अनजान इंसान से मिलें जो किसी मुश्क़िल से जूझ रहा हो। हो सकता है वह सुसमाचार सुनने के लिए अंदर से भूखा हो!

लेकिन यह भी याद रखना ज़रूरी है कि हम किसी को भी नहीं बचा सकते हैं; सिर्फ़ यीशु मसीह बचा सकता हैं और वह उसी को बचाएगा जो बचाया जाना चाहता है। आख़िरकार, वहाँ दो बेबस मुजरिम थे और दोनों की मौत हो रही थी, लेकिन सिर्फ़ एक ने यीशु मसीह को क़बूल किया; दूसरे ने घमंड में जवाब दिया।

हमारा काम है अपने आसपास के लोगों के लिए नर्मदिल रहना और उनके दिलों में ईमान जगाना। बाक़ी का काम, ख़ुदा का हैं!

आप एक चमत्कार हैं।

Cameron Mendes
Author

Worship artist, singer-songwriter, dreamer and passionate about spreading the Gospel.