मैं तुमसे सच कहता हूँ, आज ही तुम मेरे साथ स्वर्ग में होगे।
अक़सर कोई वर्शिप कॉन्सर्ट के बाद, लोग मुझसे मिलना, मेरे साथ तस्वीर खींचना, दस्तख़त लेना या बस मुझसे हाथ मिलाकर शुक्रिया करना पसंद करते हैं।
ख़ुशक़िस्मती से मुझे लोग पसंद हैं और मैं घुलमिलकर रहनेवाला मिज़ाज का हूँ। फ़िर भी, मेरे भी कुछ ऐसे लम्हे होते हैं जब मैं इतना थक जाता हूँ कि उपासक के तौर पर अपनी ज़िम्मेदारी निभा नहीं पाता और मुझे लोगों से कहना पड़ता है, “मेहरबानी करके, अभी नहीं।”
जब यीशु मसीह क्रूस पर, ज़ख़्मी, पिटा हुआ और दर्दनाक तकलीफ़ में था, तो उसके साथ क्रूस पर चढ़ाए गए दो मुजरिम आपस में बात करने लगते हैं। पहला यीशु का मज़ाक उड़ाता है और कहता है, “क्या तू मसीह नहीं है? ख़ुद को और हमें भी बचा!” (लूका २३:३९ HINOVBSI)। हाँ, यीशु मसीह वाक़ई मसीह हैं (जिसका मतलब है “अभिषिक्त किया हुआ”)!
लेकिन दूसरा मुजरिम आदर से यीशु मसीह से कहता है कि जब यीशु मसीह अपने राज्य में प्रवेश करे तब वह उसे याद रखें (लूका २३:४२)।
अब अग़र मैं यीशु मसीह की जगह होता (और ख़ुदा का शुक्र है कि मैं नहीं हूँ!), तो शायद उस वक़्त मैं अपने आपको ज़रा भी “मसीह जैसा” महसूस नहीं करता। शायद मैं सोचता कि इस हालत में किसी को बचाने के अलावा, मेरे दिमाग़ में और बहुत सी बातें हैं।
लेकिन यीशु मसीह ने ऐसा नहीं किया, क्योंकि वही मसीहा हैं। यह कोई ऐसा किरदार नहीं है जो वह निभा रहा हों, या कोई ज़िम्मेदारी जो उसने अपने ऊपर ली हो, यह तो वही हैं जो वह ख़ुद हैं। वह वही अभिषिक्त उद्धार देने वाला हैं जिसकी भविष्यवाणी बहुत पहले की गई थी।
अपने सबसे अँधेरे लम्हे में भी कोई चीज़ उसे उस इंसान को बचाने से नहीं रोक सकती जो बचाया जाना चाहता है। और वह उससे कहता हैं:
“मैं तुझसे सच कहता हूँ, आज ही तु मेरे साथ स्वर्गलोक में होगा।” — लूका २३:४३ HINOVBSI
अग़र कभी कोई ऐसा वक़्त था जब यीशु मसीह यह कह सकता था, “मेहरबानी करके, अभी नहीं,” तो वह वही वक़्त था जब वह क्रूस पर जान दे रहा था।
लेकिन, अग़र यीशु मसीह, क्रूस पर ज़ख़्मी, थका और टूटा हुआ होने के बावजूद, एक पापी को बचाने से नहीं रुका, तो ऐसी कोई वजह नहीं हो सकती कि वह आपकी बात न सुनें।
आज अपने उद्धार देने वाले से बात करें, वह हमेशा मौजूद हैं।