ऐ पिता, इन्हें माफ़ कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं।
क्या आपके ईमान में ऐसे हिस्से हैं जिनसे आप संघर्ष कर रहे हैं? शायद दशमांश देना? या अपने दुश्मनों से मोहब्बत करना? यीशु मसीह की सारी शिक्षाएँ हल्की और आसान नहीं थीं; उनमें से कुछ तो ऐसी हैं जिनका अनुसरण करना बहुत मुश्क़िल है।
उन ही नापसंद चीज़ों में से एक जो यीशु मसीह हमें करने का हुक़्म देता हैं, वह यह है कि हम उन्हें माफ़ करें जिन्होंने हमें चोट पहुँचाई है (मत्ती ६:१२–१५)।
ईमानदारी से कहूँ तो यही वह हिस्सा है जिससे मैं सबसे ज़्यादा जूझता हूँ।
आम तौर पर मैं जल्दी माफ़ कर देता हूँ। लेकिन मेरी ज़िंदगी में कुछ ऐसे लोग हैं जिन्होंने मुझे जान-बूझकर नुक़सान पहुँचाया हैं और उन्होंने कभी माफ़ी भी नहीं माँगी। ऐसे ज़ख़्मों को दिल से माफ़ करना मेरे लिए बहुत मुश्क़िल है। फ़िर भी मैंने माफ़ करने का फ़ैसला किया है और हर बार जब वे दर्दनाक यादें लौटती हैं, मैं फ़िर से माफ़ करता हूँ, हालाँकि यह करना आसान बात नहीं है।
शुक्र है कि मेरे पास एक बेहतरीन उस्ताद हैं। क्योंकि यीशु मसीह ने क्रूस के दर्दनाक मौत के वक़्त भी माफ़ करना चुना। क्रूस पर रहते हुए यीशु मसीह ने जो सात बातें कहीं, उनमें पहली बात यह थी:
*“ऐ पिता, इन्हें माफ़ कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं।” — लूका २३:३४ HINOVBSI
जब उसने कहा “इन्हें”, तो वह किन लोगों की तरफ़ इशारा कर रहा था?
क्या वह उन लोगों की बात कर रहा था जिन्होंने उसे नंगा करके ज़लील किया? शायद उन सिपाहियों की जिन्होंने उसे कोड़े मारे? या उन लोगों की जिन्होंने उसके सिर पर काँटों का ताज रखा और उसे क्रूस पर किलों से लटकाया?
या शायद वह अपने उन चेलों की बात कर रहा था जो उसे छोड़कर भाग गए? शायद यहूदा, जो धोकेबाज़ निकला या पतरस, जिसने कहा कि वह यीशु से मोहब्बत करता है, लेकिन तीन बार उसे पहचानने से इनकार कर दिया?
यीशु मसीह को चोट पहुंचानेवाले बहुत से लोग थे और उन्हें माफ़ न करने के उसके पास अनगिनत वजह भी थे; फ़िर भी उसने बदला लेना नहीं, बल्कि माफ़ करना चुना।
आप किसे माफ़ करने में मुश्क़िल महसूस करते हैं? मुझे यक़ीन है कि उन्होंने आपके साथ जो कुछ किया है, वह उन सब ज़ुल्मों के मुक़ाबले कुछ भी नहीं है जो यीशु मसीह ने सहन किए थे।
अग़र वह अपने गुनहगारों को उस वक़्त भी माफ़ कर सकता था जब उसका ज़ुल्म जारी था, तो मुझे पूरा यक़ीन है कि आप भी उसकी मदद से अपने गुनहगारों को माफ़ कर सकते हैं!