ख़ुदा आपके इल्ज़ामों को संभाल सकता है।
“अग़र आप अपना नाम ख़ुद रख सकते, तो कौन-सा नाम चुनते?” और ज़ाहिर है कि आप अपने असली नाम को चुन नहीं सकते है। यह एक दिमाग को घुमाने वाला सवाल है और अक़सर इससे दिलचस्प बातचीत शुरू होती है। 😉
ज़्यादातर लोग कोई ख़ास नाम चुनते हैं, कुछ मज़ेदार, या फ़िर कोई ऐसा नाम जिसका कोई गहरा मतलब हो।
मैंने अभी तक अपने लिए कोई सही नाम नहीं चुना है, लेकिन मैं शायद ऐसा नाम नहीं चुनती जिसका मतलब कड़वाहट हो।
लेकिन बाइबल में रूत की सास, नाओमी ने यही किया। नाओमी अपनी ज़िंदगी से इतनी मायूस हो गई थीं कि उसने सबको कहा, “मुझे ‘मारा’ कहो,” जिसका मतलब होता है कड़वाहट (रूत १:२० HINOVBSI)।
नाओमी, अपनी ज़िंदगी की सारी खोई हुई चीज़ों का इल्ज़ाम ख़ुदा पर रखती है:
”सर्वशक्तिमान ख़ुदा, मेरे साथ बहुत कड़वाहट से पेश आया है। मुझे भरपूरी से अलविदा किया था लेकिन ख़ुदा ने मुझे ख़ाली हाथ वापस ले आया। तू मुझे नाओमी क्यों पुकारती हैं, जबकि ख़ुदा मेरे ख़िलाफ़ गवाही दे चुका है और सर्वशक्तिमान ने मुझे तकलीफ़ दि है।” – रूत १:२०–२१ HERV
ख़ुदा पर इल्ज़ाम लगानेवालों की सूचि में, नाओमी अकेली नहीं थीं। अय्यूब भी, अय्यूब १:२१ HINOVBSI में कहता है:
“ख़ुदा ने दिया और ख़ुदा ने ले लिया; ख़ुदा के नाम की महिमा हो।”
इल्ज़ाम लगाने के बावजूद, ख़ुदा ने नाओमी और अय्यूब, दोनों को इतनी बरक़त दी कि उनका आने वाला वक़्त उनके बीते हुए कल से भी बेहतर हो गया।
ज़ाहिर है, ख़ुदा उनके इल्ज़ामों को बर्दाश्त कर सकता है और उन्हें इस वजह से नाक़ाबिल नहीं ठहराता।
नाओमी का पोता, ओबेद, तो बाद में राजा दाऊद का दादा भी बना।
मैं यह लगातार कह सकती हूँ कि ख़ुदा के साथ ईमानदारी, हमेशा अच्छी बात है। आप जो भी बात ख़ुदा की ओर मोड़ देते हैं, चाहे आपके कच्चे जज़्बात हों, बे-झिझक दुआएँ या बेरोक इल्ज़ाम, आख़िरकार वही बातें आपको उसके और क़रीब ले आती हैं।