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Publication date 16 मार्च 2026

ख़ुदा आपके ग़ुस्से को संभाल सकता है।

Publication date 16 मार्च 2026

मैं उन लोगों की सच में बहुत क़द्र करती हूँ जिनके पास दुआ करने का यह नायाब हुनर होता है, जो अपने दिल के एहसासों और ख़यालात को अल्फ़ाज़ में लिपटकर, ख़ुदा के सामने इतनी ख़ूबसूरती और सलीके से पेश करते हैं। ऐसी रूह-अफ़ज़ा, पायेदार और दिल से निकली दुआएँ सुनना मेरे लिए हमेशा एक बड़ी नेमत होती है।

कभी-कभी सिर्फ़ ऐसी “पाक़” दुआएँ करने का मन होता है, लेकिन हर दुआ कोई शेर-ओ-शायरी बनने के लिए नहीं होती।

बाइबल में ऐसी कई दुआएँ दर्ज हैं जो कड़वी, कच्ची और बेझिझक हैं, जहाँ लोग अपने दर्द, ग़ुस्से और उमड़ते जज़्बातों को बिना किसी लाग-लपेट के ख़ुदा के सामने उंडेल देते हैं।

सबसे ख़ूबसूरत बात यह है कि ख़ुदा को इससे कोई एतराज़ नहीं हैं। ख़ुदा ऐसे “ग़ुस्से में दुआ करने वाले” शख़्स को उनके टूटेपन में मुलाक़ात करने आता है।

इसका बेहतरीन उदाहरण, नबी योना हैं। किसी वजह से वो ख़ुदा के उस हुक़्म से नाख़ुश था जिसमें उसे नीनवे जाकर वहाँ के लोगों के ख़िलाफ़ भविष्यवाणी करनी थी (योना १)। जब वो आख़िरकार मान जाता हैं, तो ख़ुदा उसके ज़रिए बड़ी ताक़त से काम करता है और पुरे शहर को बचाता है! इस बात पर ख़ुश होने के बजाय, योना ख़ुदा से ख़फ़ा होता हैं।

वो इतना ख़फ़ा हुआ की उसने ख़ुदा से कहा: “मुझे पता था की तू ऐसा ही कुछ करेगा! मुझे यक़ीन था तू उन्हें रहम दिखायेगा और इसीलिए मैं शुरू से ही जाने के लिए नामंज़ूर था!” (योना ४:२ HINOVBSI)

यहाँ तक कि योना ने ग़ुस्से में कहा: “मैं इतना नाराज़ हूँ कि मर जाना बेहतर है” (योना ४:९)।

लेकिन योना के इस ग़ुस्से या उसके मौत की आरज़ू से, ख़ुदा नाराज़ नहीं होता हैं। अपनी बेपनाह रहमत में वो उससे पूछता है:

“क्या तेरा ग़ुस्सा जायज़ है? क्या मुझे नीनवे जैसे बड़े शहर पर रहमत नहीं करनी चाहिए जहाँ एक लाख बीस हज़ार से ज़्यादा लोग हैं जो अपनी ही उलझन में फंसे हुए हैं और ग़ुनाहों में डूबे हैं?” (योना ४:४, ११ HINOVBSI)

ख़ुदा न तो योना की जज़्बाती हालत को धिक्कारता है, न ही उसे तन्हा छोड़ता है। बल्कि एक दोस्त की तरह उससे बात करता है और उसे समझाता है।

ख़ुदा पर अपना ग़ुस्सा जताना ग़लत बात नहीं हैं क्योंकि वह उसे संभाल सकता है। बस इतना करें कि अपने ग़ुस्से, दर्द और अपनी तकलीफ़ को अपने भीतर दफ़न न होने दें और न ही किसी पर उतारें, बल्कि उसे अपने आसमानी पिता के सामने पेश करे इस यक़ीन के साथ कि वही आपकी हर छुपी हुई पीड़ा को समझेगा और संभालेगा।

आप एक चमत्कार हैं।

Jenny Mendes
Author

Purpose-driven voice, creator and storyteller with a passion for discipleship and a deep love for Jesus and India.