• HI
    • AR Arabic
    • CS Czech
    • DE German
    • EN English
    • ES Spanish
    • FA Farsi
    • FR French
    • HI Hindi
    • HI English (India)
    • HU Hungarian
    • HY Armenian
    • ID Bahasa
    • IT Italian
    • JA Japanese
    • KO Korean
    • MG Malagasy
    • MM Burmese
    • NL Dutch
    • NL Flemish
    • NO Norwegian
    • PT Portuguese
    • RO Romanian
    • RU Russian
    • SV Swedish
    • TA Tamil
    • TH Thai
    • TL Tagalog
    • TL Taglish
    • TR Turkish
    • UK Ukrainian
    • UR Urdu
Publication date 15 मार्च 2026

येशु तू हैं महान।

Publication date 15 मार्च 2026

इस सीरीज़ के आख़री दिन में आपका स्वागत है। पिछले ६ दिनों में, मैंने आपसे अपने ६ गीतों के पीछे की कहानी और मतलब साझा किया। आज, मैं इस सफ़र को एक आख़री नए गाने की कहानी के साथ अंजाम दे रहा हूँ। 

पिछले साल, हमारे बेटे ज़ैक के गुज़र जाने के कुछ ही महीनों बाद, मैंने यह गीत लिखा। सच कहूँ तो यह पहला गीत था जो मैंने दिसंबर २०२० में उसके बीमार पड़ने के बाद लिखा। पाँच लंबे सालों तक मेरी रचनात्मक प्रेरणा जैसे सूख गई थी। उस दौरान मैंने कई गीत दूसरे उपासकों के साथ मिलकर लिखा, कुछ प्रोजेक्ट्स में हिस्सा लिया, कुछ का अनुवाद किया और पुराने रिकॉर्डिंग्स को रिलीज़ भी किया, लेकिन नई, ताज़गी भरी रचनाएँ मैं पैदा नहीं कर पाया। मेरी लिखने की क्षमता जैसे कहीं खो गई थी, और सारे अल्फ़ाज़ जैसे मुझसे दूर हो गए थे।

इसका एक हिस्सा इसलिए भी था क्योंकि ज़ैक की देखभाल दिन-रात इतनी ज़्यादा करनी थी, और मेरे पास लिखने का वक़्त ही नहीं था। लेकिन मसला इससे भी ग़मगीन था।

अचानक, ख़ुदा के बारे में जो कुछ भी मैंने जाना और माना था, मेरे ईमान की पूरी बुनियाद उस तूफ़ान की वजह से हिल गई थी।

ज़ैक के बीमार होने से पहले, ख़ुदा की तारीफ़ करना मेरे लिए बिल्कुल फ़ितरती था; मेरा दिल उसकी मुकम्मल फ़ज़ल के लिए आभार से ज़्यादा भरा रहता था। लेकिन जब हमारी ज़िंदगी की नाव एक ख़तरनाक़ तूफ़ान में डूब गई, तो तारीफ़ करना बेहद मुश्क़िल हो गया था। अब उस शिफ़ा देने वाले की प्रशंसा कैसे करें जिसने शिफ़ा नहीं दी? या उस हिफ़ाज़त करनेवालें की, जिसने हिफ़ाज़त नहीं की? एकदम से अल्फ़ाज़ कम हो गए थे।

ज़ैक के जाने के बाद, हम गहरे शोक के एक लंबे दौर में दाख़िल हुए। फ़िर भी, उसी अँधेरे माहोल के बीच मैंने यह देखना शुरू किया कि हमारे पूरें सफ़र में, ख़ुदा कितनी बेइंतिहा वफ़ादारी से हमारे साथ बना रहा। यह जानकर हमें सचमुच अच्छा महसूस होता हैं कि हमारा बेटा अब यीशु मसीह में विश्राम कर रहा है, उस दुनियावी दर्द, तकलीफ़ से आज़ाद और हमेशा की सुक़ून में समाया हुआ।

धीरे-धीरे, महिमा के अल्फ़ाज़ फ़िर से मेरे भीतर से उमड़ने लगे और एक गीत में ढल गया: महान।

यह गाना इस बात की गवाही है कि हमारा ख़ुदा कितना महान और अपनी बात से कभी मुकरता नहीं। हालात कभी-कभी हमारी आँखों को ढक देते हैं, लेकिन उसकी महानता कभी कम नहीं होती।

मैं आपको प्रोत्साहित करता हूँ कि आप इस हफ़्ते का अंत यीशु मसीह की तारीफ़ करते हुए इस गाने के साथ करें!

आप एक चमत्कार हैं।

Cameron Mendes
Author

Worship artist, singer-songwriter, dreamer and passionate about spreading the Gospel.