• HI
    • AR Arabic
    • CS Czech
    • DE German
    • EN English
    • ES Spanish
    • FA Farsi
    • FR French
    • HI Hindi
    • HI English (India)
    • HU Hungarian
    • HY Armenian
    • ID Bahasa
    • IT Italian
    • JA Japanese
    • KO Korean
    • MG Malagasy
    • MM Burmese
    • NL Dutch
    • NL Flemish
    • NO Norwegian
    • PT Portuguese
    • RO Romanian
    • RU Russian
    • SV Swedish
    • TA Tamil
    • TH Thai
    • TL Tagalog
    • TL Taglish
    • TR Turkish
    • UK Ukrainian
    • UR Urdu
Publication date 14 मार्च 2026

परमेश्वर पिता, तू है नहीं मुझसे ख़फ़ा।

Publication date 14 मार्च 2026

मैं हमेशा के लिए शुक्रगुज़ार हूँ कि मेरे माता-पिता ने मुझे ख़ुदा का आदरयुक्त ख़ौफ़ सिखाकर मेरी परवरिश की हैं। यह सबसे बड़ा तोहफ़ा है जो, वे मुझे दे सकते थे। ऐसे परिवार में जन्म लेना जो यीशु मसीह की इबादत करता है, एक ऐसी बरक़त है जिसके लिए मैं सदा शुक्रगुज़ार हूँ।

लेकिन फ़िर भी, कोई भी माता-पिता क़ामिल और बेदाग़ नहीं होते हैं। मेरे पिता मेरे लिए एक क़ामिल पिता नहीं थे और मैं भी ज़ैक के लिए एक क़ामिल पिता नहीं था। अक्सर हम जाने-अनजाने में अपने सांसारिक पिता की छवि को ही आसमानी पिता पर आरोपित करके मान लेते हैं, और उसी आईने से ख़ुदा के स्वभाव, उसकी मोहब्बत और उसकी अपेक्षाओं को समझने की कोशिश करते हैं। जेनी ने इस विषय पर एक ख़ूबसूरत बाइबल से पढ़ने की योजना लिखी है, जिसे मैं आपको, पढ़ने की सिफ़ारिश करता हूँ।

मेरे पिता, बेहद मोहब्बत करने वाले और देखभाल करने वाले हैं और साथ ही अनुशासनप्रिय और सख़्त भी। एक पासबान के रूप में, उनके ऊपर ज़िम्मेदारी का बोझ था, और इसके साथ उम्मीद जुडी हुई थी कि हम, उनके बच्चे, हमेशा चर्च में सही मिसाल क़ायम रखे। हमसे हमेशा अच्छे बर्ताव की उम्मीद की जाती थी।

कई बरसों तक, मैंने ख़ुदा के साथ अपने रिश्ते को भी उसी छवि में देखा। मैंने उसे एक ऐसे पिता के रूप में समझा, जिसकी मुझसे उम्मीदें बहुत ऊँची हैं और जो पूर्ण पवित्रता की माँग करता है। मेरे दिल में यह गहरी धारणा बस गई थी कि मैं ख़ुदा को बार-बार निराश और नाराज़ ही करता हूँ। क्योंकि जब मैं अपने सांसारिक पिता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर सका, तो उस आसमानी पिता को कैसे संतुष्ट कर सकता था, जो सब कुछ देखता है और सब कुछ जानता है?

यह तब बदलना शुरू हुआ जब मैंने पास्टर. जोसेफ़ प्रिंस की शिक्षाओं के ज़रियें से, फ़ज़ल का सुसमाचार सुना। मैंने ख़ुदा पिता का असली दिल जाना। वह न ही क्रोधित या निराश, न कठोर या मांगने वाला हैं, बल्कि बेहद मोहब्बत करने वाला। एक पिता जो प्रदर्शन से ज्यादा रिश्ते को अहमियत देता है, और जो मुझे डर से नहीं बल्कि मोहब्बत, फ़ज़ल और लगातार बढ़ोतरी के ज़रिए रहनुमाई दिखाता है।

इस एहसास और ख़ुदा की मोहब्बत के नए पहलुओं से प्रेरित होकर, मैंने परमेश्वर पिता गीत यह लिखा।

मैं उम्मीद करता हूँ कि मेरी तरह आपके सांसारिक पिता भी एक अद्भुत, मोहब्बत करने वाले और ख़ुदा का आदर करने वाले इंसान रहे हों। लेकिन चाहे आपके पिता बेहद अद्भुत रहे हों या बहुत सख़्त, इसमें कोई संदेह नहीं कि उन्होंने इस बात को गहराई से आकार दिया है कि आप ख़ुदा को किस नज़र से देखते हैं। पवित्र आत्मा से दरख़्वास्त करें कि वह आपके दिल पर रोशनी डाले और ज़ाहिर करे कि क्या आपके पिता के साथ आपका रिश्ता कहीं न कहीं इस बात को आकार देता रहा है कि आप ख़ुदा की पूर्ण, उमड़ती और बे-शर्त मोहब्बत को कैसे समझते और स्वीकार करते हैं। और मेरी दिली दुआ यही है कि जब आप इस गीत को सुने, तो उसमें आपको भी वही सहारा, वही दिलासा और वही सुरक्षित बाहें महसूस हों, जो उन लम्हों में मुझे मिली थीं।

आप एक चमत्कार हैं।

Cameron Mendes
Author

Worship artist, singer-songwriter, dreamer and passionate about spreading the Gospel.