येशु मसीह, तेरे जैसा हैं कोई नहीं।
आज, दुनिया भर में सबसे ज़्यादा गाया जाने वाला मसीही हिंदी गीत ‘हम गाए होसान्ना’ है जिसे मैंने लिखा था। यह अभी भी मुझे आश्चर्यचकित करता है कि यह साधारण गाना, क़रीबन २५ सालों से पूरी दुनिया में, उपासकों द्वारा गाया जा रहा है और कई भाषाओं में अनुवादित हो चुका है।
इस गीत का जन्म उस पल हुआ, जब मैं अपने माता-पिता के साथ गाड़ी में बैठकर अपनी चाची के अंतिम संस्कार की ओर जा रहा था। माहौल बोझिल था और हर कोई अपनी-अपनी उदासी में डूबा, ख़ामोश बैठा था। तभी मेरी नज़र खिड़की के बाहर गई, जहाँ एक बिल्कुल अलग ही नज़ारा था। नीला आसमान सफ़ेद बादलों से सजा हुआ था और सूरज की कोमल रोशनी में फ़ूल खिल उठे थे, और परिंदे अपने पंख फैलाए, अपनी आज़ादी का जश्न मना रहे थे। उसी पल, ग़म और उम्मीद के दरमियान एक ख़याल मेरे दिल में उतर आया कि “ज़मीन पर चाहे हालात जैसे भी हों, सूरज कभी अपनी रोशनी बिखेरना नहीं छोड़ता। उसी तरह, ख़ुदा की फ़ज़ल और रहमत भी कभी हम पर अपनी नूर बरसाना बंद नहीं करती।”
उस ख़ामोश रोशनी में, मेरा दिल हैरत और अजीब-सी मोहब्बत से भर उठा और एक गहरी समझ ने मुझे घेर लिया, कि सच में हमारे ख़ुदा जैसा कोई है ही नहीं। उसी वक़्त, गीत की पहली पंक्ति मेरे ज़हन में बार-बार गूंजने लगी: “यीशु मसीह, तेरे जैसा है कोई नहीं।”
जब हम अंतिम संस्कार में पहुँचे, तो शोक का साया हर ओर फ़ैला हुआ था। हवा में ख़ामोशी थी और दिलों पर दुःख का बोझ। मेरी आँखें नम हुई, और उसी पल एक गहरी अनुभूति ने मेरे दिल को छू लिया, “अग़र चाची के बिछड़ने का यह ग़म इतना असहनीय हो सकता है, तो उस आसमानी पिता के दिल पर क्या गुज़री होगी, जिसने अपने इकलौते बेटे, यीशु मसीह को क्रूस पर तड़पते और बेरहमी से प्राण त्यागते हुए देखा होगा?”
उस वक़्त, यूहन्ना ३:१६ मेरे लिए पहले से कहीं ज़्यादा ज़िंदा उठा:
*“क्योंकि ख़ुदा बाप ने सारे जहाँ से ऐसी मोहब्बत की, कि उसने अपना एकलौता बेटा, यीशु मसीह को हमारे ख़ातिर क़ुर्बान किया, ताकि जो कोई उस पर ईमान रखें वह भस्म न हो, परन्तु फ़रावां और अब्दी ज़िंदगी हासिल करें।" – यूहन्ना ३:१६ HINOVBSI
और इसी आयत पर इस गीत की दूसरी पंक्ति बन गई:“प्यारे पिता, तूने हमसे इतना प्यार किया, हमें पापों से छुड़ाने को, अपने बेटे को क़ुर्बान किया।”
अब, अपने ही बेटे को तड़पते हुए देखने और आख़िरकार उसे खो देने के बाद, यह आयत मेरे लिए एक नई गहराई ले आई है। मैंने अपने अनुभव से, थोड़ा-सा ही सही, उस दर्द को महसूस किया है, जो ख़ुदा-बाप ने ज़रूर महसूस किया होगा। फ़र्क़ बस इतना है कि ऐसा कोई भी नहीं था जिसके लिए मैं अपने बेटे की क़ुर्बानी दे पाता, लेकिन ख़ुदा ने यह मेरे ख़ातिर किया।
और आपके लिए भी!
आज इस गीत के ज़रियें ख़ुदा की इबादत करें।