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Publication date 7 मार्च 2026

ख़ुदा के हुक़्मों पर अमल करना ही असल मायने रखता है।

Publication date 7 मार्च 2026

क्या कभी किसी ने आपकी जान बचाई है? अग़र हाँ, तो क्या वह शक़्स आपका जीवनसाथी था?

सच कहूँ, तो शायद मैं कभी असली जानलेवा ख़तरे में नहीं पड़ी हूँ, लेकिन कॅमरॉन ने मुझे कई बार चोट लगने से या शर्मिंदगी से ज़रूर बचाया है।😅

जिस इंसान की ज़िंदगी बार-बार मौत के मुँह से बचाई गई, वह था मूसा और हर बार उसे बचाने वाली एक महिला ही थी। अब तक हमने देखा कि सबसे पहले इब्रानी दाइयाँ, शिप्रा और पूआ, जिन्होंने फ़िरौन के उस बेरहम फ़रमान की खुली नाफ़रमानी की जिसमें हर नवजात लड़के को मार डालने का हुक़्म था। फ़िर मूसा की माँ, जिसने अपने मासूम बच्चे को बचाने के लिए तीन महीनों तक छुपाए रखा। और उसके बाद फ़िरौन की बेटी जिसने न सिर्फ़ उस बच्चे पर रहम किया, बल्कि अपने ही पिता के क़ातिलाना इरादों से उसे बचाया और उसे अपने बेटे की तरह अपना लिया।

और आख़िरकार, मूसा की ज़िंदगी के आगे के सफ़र में उसकी अपनी पत्नी सिप्पोरा ने उसकी जान बचाई। एक मिद्यानी महिला, जिसने सबसे नाज़ुक और ख़तरनाक पल में वह काम किया जिसने मूसा को ख़ुदा की तरफ़ से आने वाली मौत से भी बचा लिया। 🤔

*“जब ख़ुदा, मूसा को जान से मारने वाला था, तब सिप्पोरा ने एक पत्थर का चाकू लिया, अपने बेटे का ख़तना किया और उससे मूसा के पैरों को छुआ। उसने कहा, ‘तू मेरे लिए ख़ून का दूल्हा है।’ तब ख़ुदा ने उसकी जान बक़्श दी।”निर्गमन ४:२४–२६ HNOVBSI 

यह बाइबल की उन कहानियों में से एक है जो मेरे लिए लगभग समझ से परे है। क्यों ख़ुदा मूसा के सामने जलती झाड़ी में ज़ाहिर होकर उसे इस्राएल का सबसे बड़ा अगुआ बनने के लिए बुलाता है और कुछ ही आयतों बाद उसे मारने के लिए राज़ी हो जाता है??

यह कहानी ज़्यादा साफ़ तब होती है जब हम मिद्यानी और इज्राएली रिवाज़, ख़तना की रसम और बाइबल की असल ज़बान में लिखी बातों को समझते हैं, जो आज के चमत्कार के दायरे से बाहर है।

लेकिन फ़िर भी, मैं इस अजीब लगने वाली कहानी से एक बहुत ही ख़ूबसूरत बात सीखती हूँ: वह है असली अगुवाई अपने घर से शुरू होती है। (१ तीमुथियुस ३:४–५ HNOVBSI) पुराने नियम की व्याख्या में, केइल और डेलित्ज़्श लिखते हैं:

“अग़र मूसा को उस दैवित्य बुलाहट की ज़िम्मेदारी को क़ामयाबी से निभाना था, तो उसे सबसे पहले अपने घर में यह साबित करना था कि वह यहोवा का वफ़ादार सेवक है।”

ख़तना करना अब कोई ज़रूरी शर्त नहीं है (१ कुरिन्थियों ७:१९ HNOVBSI), लेकिन और भी बहुत सी चीज़ें हैं जिनके ज़रिये हम अपने परिवार की अच्छे से अगुवाई कर सकते हैं।

आज, आप इसकी शुरूआत करने के लिए कोई एक चीज़ सोच सकते हैं?

आप एक चमत्कार हैं।

Jenny Mendes
Author

Purpose-driven voice, creator and storyteller with a passion for discipleship and a deep love for Jesus and India.