मैं ख़ुदा का दोस्त हूँ।
येशुआ मिनिस्ट्रीज की टीम के साथ मेरी दोस्ती कई बरसों पुरानी है। हम एक-दूसरे को इतने अच्छे से समझते हैं कि मंच के शोर-शराबे और हलचल के दरमियान भी, महज़ एक छोटा-सा इशारा हमारे लिए काफ़ी होता है यह जानने के लिए कि सामने वाला क्या सोच रहा है या अगला क़दम क्या होना चाहिए। यह एक ख़ूबसूरत तालमेल है।
क़रीबी दोस्तों की ख़ासीयत यह है कि आप उनके साथ पूरी तरह ख़ुद होकर जी सकते हैं और अपनी ज़िंदगी की हँसी और आँसू, सब उनके साथ साझा कर सकते हैं।
मुझे उम्मीद है कि आपके ज़िंदगी में कुछ अच्छे, रूहानी दोस्त हैं।
लेकिन सबसे बेहद ख़ूबसूरत और नम्र कर देने वाली बात यह हैं कि यीशु मसीह भी हमारा दोस्त बनना चाहता है!
*“मैं अब तुम्हें सेवक नहीं कहता, क्योंकि सेवक अपने मालिक के दिल और उसकी मंसूबे को नहीं जानता। लेकिन मैंने तुम्हें दोस्त कहा है क्योंकि जो कुछ भी मैंने अपने आसमानी पिता से सुना, जाना और सीखा है, वह सब मैंने तुमसे बाँट दिया है।” – यूहन्ना १५:१५ HINOVBSI
हमारा ख़ुदा, राजा, उद्धारकर्ता, चरवाहा, दूल्हा होने के अलावा, यीशु मसीह चाहता हैं कि हम उसे एक दोस्त की तरह जानें और पहचाने।
वह चाहता है कि आप उस काम में शामिल हों जो वह कर रहा है और अपने दिल की बातें आपके साथ बाँटे, जैसे एक सच्चा दोस्त करता है। इस आयत में, यीशु मसीह इस बात को साफ़-साफ़ कहता हैं कि हम महज़ सेवक नहीं हैं जो सेवा करते हैं, बल्कि हम यीशु मसीह के साथ एक और भी गहरे, ख़ास स्तर पर साझेदारी करने वाले साथी हैं।
और वह सिर्फ़ किसी भी तरह का दोस्त नहीं बनना चाहता, बल्कि एक क़रीबी, ख़ास दोस्त जो आपको पूरी तरह जानता और समझता है।
*“जिसका दोस्त भरोसेमंद नहीं है वह जल्द ही बर्बाद हो जाता है, लेकिन एक दोस्त है जो भाई से भी ज़्यादा क़रीब रहता है।” – नीतिवचन १८:२४ HINOVBSI
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