• HI
    • AR Arabic
    • CS Czech
    • DE German
    • EN English
    • ES Spanish
    • FA Farsi
    • FR French
    • HI Hindi
    • HI English (India)
    • HU Hungarian
    • HY Armenian
    • ID Bahasa
    • IT Italian
    • JA Japanese
    • KO Korean
    • MG Malagasy
    • MM Burmese
    • NL Dutch
    • NL Flemish
    • NO Norwegian
    • PT Portuguese
    • RO Romanian
    • RU Russian
    • SV Swedish
    • TA Tamil
    • TH Thai
    • TL Tagalog
    • TL Taglish
    • TR Turkish
    • UK Ukrainian
    • UR Urdu
Publication date 25 फ़र. 2026

मैं ख़ुदा के घर का वारिस हूँ।

Publication date 25 फ़र. 2026

जब आप किसी को भी पूछते हैं कि, “आप कौन हैं?” तब उनका जवाब “मैं एक वारिस हूँ” नहीं होता हैं।🤨

यीशु मसीह में हमारी पहचान का एक अहम पहलू यह है कि हम अब ख़ुदा के वारिस हैं। जिस तरह मसीह स्वर्ग और राज्य का वारिस हैं, उसी तरह हम भी उसकी फ़ज़ल और वादों के सह-वारिस बने हैं।

*“अब अग़र हम उसके बच्चे हैं, तो हम भी उसके वारिस हैं – ख़ुदा के वारिस और मसीह के सह-वारिस। अगर हमने सच में उसके आज़माइशों में भाग लिया हैं तो हम भी उसके जलाल में भाग लेंगे।रोमियों ८:१७ HINOVBSI 

एक वारिस वह इंसान होता है जिसे किसी और की संपत्ति या अधिकार का हक़ होता है, जैसे बच्चे जो अपने माता-पिता से विरासत पाते हैं।

एक वारिस होने का मतलब यह है कि आप अब उस विरासत के हक़दार हैं। और चूँकि हम यीशु मसीह में उसके वारिस हैं, इसलिए वही सच हमारी ज़िंदगी पर भी लागू होता है—हम अब ख़ुदा की असीम फ़ज़ल, उसके वादों और बरक़तों के हक़दार हैं।

*“मसीह में भी हमने एक विरासत हासिल की है, क्योंकि हमें पहले उस मक़सद के अनुसार तय किया गया था, जो हर चीज़ को अपनी मर्ज़ी और मंसूबे के मुताबिक़ चलाता है।”इफिसियों १:११ HERV 

ख़ुदा के बच्चों के रूप में हमारी विरासत का सबसे बड़ा और अहम पहलू यह है कि हमने ख़ुदा को पाया है। हमें उसके असीम मोहब्बत का अनुभव हुआ है, उसे जानने और उसके साथ एक गहरा और व्यक्तिगत रिश्ता बनाने का मौका भी मिला है, और उसने अपनी रूह हमारे दिलों में रखी है ताकि वह हमें क़दम-दर-क़दम रहनुमाई और मदद दे सके। (यूहन्ना १४:२६ HINOVBSI)।

दूसरी बात यह है की, हमें अब्दी ज़िंदगी का तोहफ़ा मिला है (यूहन्ना ५:२४ HINOVBSI)। हम ख़ुदा के साथ एक ऐसी अब्दी ज़िंदगी की विरासत हासिल करतें हैं, जहाँ कोई रोग, मौत, ग़म या रोना नहीं होगा (प्रकाशितवाक्य २१:४ HINOVBSI)।

तीसरी बात यह है की, हम यीशु मसीह के नाम से दुआ माँग सकते हैं और वह उसकी मर्ज़ी के मुताबिक़ मुक़म्मल करेगा।

*“जो कुछ भी तुम मेरे नाम से मांगोगे, मैं वह करूंगा, ताकि पिता को पुत्र में महिमा मिले।”यूहन्ना १४:१३ HINOVBSI

आख़िर में, ख़ुदा के बच्चों और वारिसों के रूप में, हम उसकी विरासत को आगे बढ़ाते हैं, उसके सबसे अहम कार्य में भाग लेकर: यीशु मसीह का सुसमाचार फ़ैलाकर। 

इस परिवार में सुसमाचार के ज़रिये और लोगों को शामिल करके, हम चेलों को बनाकर और वारिसों का स्वागत करने का मौका पाते हैं (मार्क १६:१५ HINOVBSI)। इस विरासत की सबसे ख़ूबसूरत बात यह है कि यह कभी ख़त्म नहीं होती; सभी के लिए काफ़ी है!

आप एक चमत्कार हैं।

Cameron Mendes
Author

Worship artist, singer-songwriter, dreamer and passionate about spreading the Gospel.