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Publication date 20 फ़र. 2026

हमें अपने भाइयों और बहनों के लिए, अपनी जान क़ुर्बान करनी चाहिए।

Publication date 20 फ़र. 2026

सबसे बेहतरीन चीज़ जो किसी ने आपके लिए की, वह क्या है?उम्मीद है कि यह सवाल आपके दिल में वे मुलायम यादें जगा देगी—वो ख़ूबसूरत पल, वह हौसला-बख़्श लम्हा, और मोहब्बत से दिए गए वे अनमोल तोहफ़े, जिन्हें लोगों ने आपके लिए दिल से पेश किया था।

लेकिन मुझे पूरा यक़ीन है कि उन सब में, सबसे बेहतरीन चीज़ वही है जो यीशु मसीह ने आपके लिए की!

*“वह हमारे गुनाहों के सबब ज़ख़्मी किया गया, हमारी बदकारियों के लिए कुचला गया; हमारी शांति के लिए ठहराया गया दंड, उसने अपने ऊपर ले लिया और उसके ज़ख़्मों से ही हम शिफ़ा पा गए। भेड़ों की तरह, हम सब भटक गए थें, हर एक अपनी ही राह पर चल निकला था; लेकिन ख़ुदा ने हम सब की बदकारी उस पर डाल दी।”यशायाह ५३:५-६ HINOVBSI 

यूहन्ना १३:१२ HINOVBSI में हम पढ़ते हैं कि यीशु मसीह ने अपने चेलों से पूछा: “क्या तुम समझ सकते हैं कि मैंने तुम्हारे लिए क्या किया है?” - उसने यह सवाल उसके क्रूस की बेरहम मौत से पहले और उनके पाँव धोने के बाद पूछा था।

मुद्दा यह था कि उनके गुरु ने ख़ुद झुककर उनके पाँव धोए—जो उनके लिए नम्रता और परोपकारी दिल की गहरी मिसाल बनी, और यह करने के बाद उसने उनसे एक ख़ास सवाल पूछा, क्योंकि वह उनके दिल की गहराई तक उतरकर, एक बेहद अहम सबक सिखाना चाहता था। 

*“अब जब मैंने, तुम्हारा प्रभु और गुरु, तुम्हारे पाँव धोए हैं, तो तुम भी एक-दूसरे के पाँव धोएँ। मैंने तुम्हे मिसाल दी है, ताकि तुम भी वही करें, जो मैंने तुम्हारे लिए किया है।”यूहन्ना १३:१४-१५ HINOVBSI 

यीशु मसीह चाहता हैं कि हम भी वही करें जो उसने हमारे लिए किया है और आज वह आपसे वही सवाल पूछ रहा है जो उसने अपने चेलों से पूछा था: “क्या तुम समझ सकते हैं कि मैंने तुम्हारे लिए क्या किया है?”

*“हम इस लिए जानते हैं कि मोहब्बत क्या है क्योंकि: यीशु मसीह ने हमारे लिए अपनी जान क़ुर्बान कर दी - और हमें भी अपने भाइयों और बहनों के लिए अपनी जान क़ुर्बान करनी चाहिए।”१ यूहन्ना ३:१६ HINOVBSI

किसी और के लिए अपनी जान क़ुर्बान कर देना बेशक़ एक बहुत ही बड़ी बात होती है—लेकिन उस मुक़ाम तक पहुँचने का सफ़र छोटे, क्रियात्मक क़दमों से ही शुरू होता है। — १ यूहन्ना ३:१७-१८ HINOVBSI

तो फ़िर, आज आप किन तरीकों से दूसरों के प्रति मोहब्बत दिखा सकते हैं? कभी यह उतना आसान होता है जितना किसी ज़रूरतमंद दोस्त को यह ई-मेल भेज देना, या अपना क़ीमती वक़्त उनके साथ बाँटना, या फ़िर किसी मुश्किल में उनकी आर्थिक मदद करना। और इन सबके बीच एक बात अपने दिल में ज़रूर बसाए रखें: यीशु मसीह ने आपके लिए इन सबसे कहीं बढ़कर किया है।

आप एक चमत्कार हैं।

Jenny Mendes
Author

Purpose-driven voice, creator and storyteller with a passion for discipleship and a deep love for Jesus and India.