अपने पूरे दिल-ओ-जान और मन से, अपने खुदावंद-ख़ुदा से मोहब्बत करें।
आपसे हुई किसी ग़लती पर सामने वाले का बर्ताव ही यह साबित करता है कि उसके जज़्बात आपके लिए कितने गहरे हैं… या फ़िर कितने खोखले।
मिसाल के तौर पर, मोहब्बत से भरे माता-पिता अपने बच्चे की ग़लती पर भी नरमी, रहम और समझदारी से पेश आते हैं। इसके उलट, एक सख़्त बॉस किसी कर्मचारी की ग़लती पर अक़्सर ग़ुस्से और सख़्ती से ही जवाब देता है।
हम इंसान अक़्सर एक दोस्त या किसी अज़ीज़ से ज़्यादा आसानी से किसी नौकर या वेटर पर ग़ुस्सा निकाल देते हैं। साफ़ कह दूँ तो — मैं यह नहीं कह रही कि किसी को भी डाँटना सही है; मैं बस एक आम तजुर्बा बयान कर रही हूँ।
और इसी वजह से मुझे यह बात बेहद प्यारी लगती है कि — पतरस की इतनी बड़ी ग़लती के बावजूद, यीशु मसीह उससे कितनी कोमलता, रहम और प्यार से पेश आता हैं।
पतरस — वही चेला जिसने बड़े दावे के साथ कहा था कि वह यीशु मसीह के लिए अपना सब कुछ, यहाँ तक कि अपनी जान तक क़ुर्बान कर देगा — वही पतरस डर, दबाव और हालात की गर्मी में अपने अज़ीज़ गुरु को लगातार तीन बार इनकार कर बैठता है। ठीक वैसा ही, जैसा ख़ुद यीशु मसीह ने पहले ही उससे कहा था।(यूहन्ना १३:३७ HINOVBSI)जैसे ही यीशु मसीह तीसरे दिन ज़िंदा हुआ, उसने सबसे पहले पतरस और दूसरे चेलों से तब मुलाक़ात की जब वे मछली पकड़ रहे थे।
मैं अक़्सर सोचती हूँ कि उस पल पतरस के दिल पर क्या गुज़री होगी — कितनी गहरी तकलीफ़, कितना कचोटता हुआ दुःख, और कितनी भारी शर्म उसने महसूस की होगी। जिस दोस्त को वह अपनी जान से भी ज़्यादा चाहता था, उसी को उसने बेबसी में दर्द झेलते, अपमानित होते और क्रूर मौत मरते देखा… और फ़िर ठीक उसी वक़्त, पतरस ने उसी का इनक़ार भी कर दिया।
फ़िर भी जब यीशु मसीह समंदर किनारे पर पतरस से मिलता है, तो वह उसे “मैंने कहा था ना!” से डाँटता नहीं। न ही पूछता है, “तुने क्या किया?” या “इस ग़लती से तुने क्या सीखा?” नहीं। उसने बस यही पूछा: “क्या तु मुझसे इन सब से ज़्यादा मोहब्बत करता हैं?”
यीशु मसीह ने पतरस के लिए यह साफ़ कर दिया कि, वह सिर्फ़ उसकी मोहब्बत चाहता है, चाहे वह कितनी भी अधूरी और क़मज़ोर क्यों न हो। वह सिर्फ़ उसका दिल चाहता था।
याद रखें, अग़ली बार जब आपसे कोई ग़लती हो जाए तब उस ग़लती पर अफ़सोस करने के बजाय, इस पर ज़ोर दे कि यीशु मसीह आपसे किनती मोहब्बत करता है और आप उससे कितनी मोहब्बत करते हैं। क्योंकि उसकी बेपनाह मोहब्बत में, उसने आपके गुनाहों की माफ़ी के लिए क़ुर्बानी दी है (यूहन्ना ३:१६ HINOVBSI)।