मैं तेरी वफ़ादारी और बचानेवाली मदद की तारीफ़ करता हूँ।
मेरी ज़िंदगी में बहुत कम मौके आए हैं जब मैंने ख़ुद को सचमुच बेहिफ़ाज़त महसूस किया हो। लेकिन एक क़िस्सा मुझे अब भी अच्छी तरह याद है—जब हमारी पूरी येशुआ मिनिस्ट्रीज़ की टीम ओड़िशा के एक दूर-दराज़ इलाके से बस में सफ़र कर रही थी, और हमारे साथ एक विदेशी वर्शिप टीम भी थी।
अचानक, आधी रात के वक़्त, जब हम एक गाँव से गुज़र रहे थे, तो हज़ारों गाँववाले हमारी बस के चारों तरफ़ इकट्ठा हो गए, जो किसी त्योहार में व्यस्त थे। ज़्यादातर पुरुष थे, और बहुत से लोग नशे में थे।
मैंने तुरंत समझ लिया कि अग़र यह भीड़ हमारे ख़िलाफ़ हो गई, या अग़र उन्हें पता चल गया कि हम मसीही हैं और हमारी बस में विदेशी लोग भी हैं, तो हालात बहुत जल्दी ख़तरनाक हो सकते हैं। मैंने ड्राइवर से कहा, “हमें यहाँ से जितनी जल्दी हो सके निकलना होगा।”
ख़तरे के वक़्त इंसान का सबसे फ़ितरी अंदाज़ यही होता है—फ़ौरन उस जगह से सुरक्षित दूरी बनाना।
इसीलिए मुझे प्रेरितों के काम १२ की यह बात बहुत हैरान करती हैं - जब फ़रिश्ते ने पतरस को चमत्कारिक तरीक़े से जेल से छुड़ाकर बाहर लाया, तो पतरस शहर छोड़कर भागता नहीं है। वह एक फ़रार इंसान था, और जैसे ही राजा हेरोद और उसके सिपाही यह जानेंगे कि वह ग़ायब है, वे उसे ढूँढने निकल पड़ेंगे।
लेकिन भागने के बजाय, पतरस यूहन्ना की माँ, मरियम के घर जाता है, जहाँ वह जानता है कि बहुत से मसीही इकट्ठे होकर दुआ कर रहे थे। वहाँ ठहरकर ख़ुदा की चमत्कारी आज़ादी की गवाही और मसीही दोस्तों को हिम्मत देता है कि वे यह ख़बर याकूब और बाकी भाइयों और बहनों तक पहुँचाएँ (प्रेरितों के काम १२:१७)।
पतरस को यह अच्छेसे मालुम था कि उसे पहले क्या करना चाहिए - अपनी हिफ़ाज़त की फ़िक्र करने से पहले, उसने ख़ुदा के दैवी चमत्कार की गवाही दी।
शायद दाऊद के इन अल्फ़ाज़ो ने उसकी रहनुमाई की होगी (भजन संहिता ४०:९–१०):
*”मैं तेरे उद्धार के कामों को महासभा में ज़ोर से सुनाता हूँ। ऐ ख़ुदावंद, तू जानता है कि मैं अपने ज़ुबान को बंद नहीं रखता। मैं तेरी धार्मिकताओं को अपने दिल में दफ़न नहीं रखता हूँ - मैं तेरी वफ़ादारी और बचानेवाली मदद की तारीफ़ करता हूँ।”
क्या आपकी ज़िंदगी में ऐसी बातें हैं जिनमें आप भी ख़ुदा की वफ़ादारी की तारीफ़ कर सकते हैं? क्या आप उसकी गवाही अपने दोस्तों को या परिवारवालों को या सहकर्मियों को दे सकते हैं? उनके साथ साझा करें कि ख़ुदा ने आपके लिए क्या-क्या किया है।