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Publication date 11 फ़र. 2026

चाहे काम बड़ा हो या छोटा, ख़ुदा को हमारी फ़रमाँबरदारी बेहद पसंद है।

Publication date 11 फ़र. 2026

मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लगता जब कोई मुझसे कहता है, “मेरे पास तुम्हारे लिए एक सरप्राइज है!” और फिर उस सरप्राइज को जानने के लिए मुझे इंतज़ार करना पड़े। 😞जब भी जेनी ऐसा करती है, मैं तुरंत सवालों की बरसात शुरू कर देता हूँ—जब तक कि वो सब कुछ बता न दे। शायद मुझे आधी झलक से ज़्यादा, पूरी कहानी जानना पसंद है! 😅

सच कहूँ तो, मेरी रूहानी ज़िंदगी में भी कुछ ऐसा ही होता है। मुझे अच्छा लगता है जब मुझे साफ़–साफ़ समझ आए कि ख़ुदा मुझे किस दिशा में ले जाना चाहता है। लेकिन ख़ुदा के साथ चलते-चलते मैंने जाना है कि उसके तरीक़े हमारी समझ और हमारी योजनाओं से कई ऊपर होते हैं।

यह भी सच है कि कभी–कभी ख़ुदा बहुत बड़ा दर्शन और पूरी जानकारी के साथ ज़िम्मेदारी देता है—जैसे योना को, जिसे निनवे के लोगों को मन फेरने का बुलावा मिला था। (योना १:१–२) या मूसा—जिसने जलती झाड़ी में ख़ुदा से मुलाक़ात की, और जिसे इस्राएल को मिस्र की ग़ुलामी से आज़ाद कराने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी। (निर्गमन ३:१०)

लेकिन मेरे अनुभव में, ऐसी बातें अक्सर नहीं होतीं। ज़्यादातर ख़ुदा हमें अपनी योजनाओं की बस छोटी–छोटी झलकियाँ ही देता है, और हमसे सिर्फ़ इतना चाहता है कि हम क़दम-दर-कदम उसकी फ़रमाँबरदारी करते हुए उसका अनुसरण करें।

प्रेरितों के काम १२ में, फ़रिश्ता पतरस के पास आता है और उसे बहुत ही साधारण रूप से निर्देश देता है:

*“‘जल्दी करो, उठो!’ फ़रिश्ते ने पुकारा—और देखते ही देखते ज़ंजीरें पतरस के हाथों से गिर पड़ीं। फ़िर फ़रिश्ते ने कहा, ‘अपने कपड़े और जूते पहन लो,’ और पतरस ने तुरंत वैसे ही किया। इसके बाद फ़रिश्ता बोला, ‘अपनी चादर ओढ़ लो और मेरे पीछे आओ।’ और पतरस, फ़रिश्ते के पीछे-पीछे चलता हुआ जेल से बाहर निकल आया। लेकिन चलते हुए उसके दिल में एक अजीब-सी हैरानी थी—उसे यक़ीन ही नहीं हो रहा था कि यह सब सचमुच उसके साथ हो रहा है। उसे लग रहा था जैसे वह किसी रूहानी दर्शन के बीच से गुज़र रहा हो।” - (प्रेरितों १२:७–९)

मुझे यह बात बहुत पसंद है कि पतरस हर क़दम पर पूरी आज्ञाकारिता से चलता है—बिना सवाल उठाए, और बिना यह पूरी तरह समझे कि यह सब सच में हो रहा है। फिर भी, वह मानकर चलता है कि शायद यह सिर्फ़ एक दर्शन है, और इसके बावजूद हर आज्ञा का पालन करता है।

ख़ुदा हमारी आज्ञाकारिता में बेहद ख़ुशी पाता है, चाहे वह हमें बहुत बड़ी ज़िम्मेदारियाँ सौंपे या बस छोटी–सी बातें। (१ शमूएल १५:२२)

तो आज, ख़ुदा आपसे क्या चाहता है? क्या आप आज फ़रमाँबरदारी करेंगे? उसके आज्ञा का पालन करेंगे?

आप एक चमत्कार हैं।

Cameron Mendes
Author

Worship artist, singer-songwriter, dreamer and passionate about spreading the Gospel.