ख़ुदा ने इंसान को अपने ही रूप में बनाया।
मुझे अपना काम बेहद पसंद है, क्योंकि मुझे हर दिन अपने सबसे अज़ीज़ दोस्त, यीशु मसीह के बारे में लिखने का मौक़ा मिलता है।
मेरा मक़सद हमेशा यही होता है कि सारी महिमा उसी को ही मिले और मैं आपको याद दिलाऊँ कि वो कौन हैं और उसने आपके लिए क्या किया है!
इसी वजह से मैं आम तौर पर शैतान के बारे में ज़्यादा नहीं लिखती हूँ, क्योंकि वो इस क़ाबिल ही नहीं हैं - हालांकि बाइबल उसका ज़िक्र ज़रूर करती है और उसके बारे में एक चीज़ हमेशा कहती हैं:
*“शुरुवात से ही वह क़ातिल था - सच्चाई को थामे नहीं रहता, क्योंकि उसमें ही कोई सच्चाई नहीं थी। जब वो झूठ बोलता है तो ख़ुद की ही ज़बान बोलता है, क्योंकि वो झूठा है और झूठ का बाप है।” — यूहन्ना ८:४४
मसीही होने के बावजूद, कभी-कभी झूठे ख़याल हमारे ज़हन में दाख़िल हो जाते हैं — जैसे: “मैं काबिल नहीं हूँ।” “मैं नाक़ाम हूँ” या “मैं मोहब्बत के लायक़ नहीं हूँ।”
यह ध्यान रखे की ऐसे ख़याल, ख़ुदा की तरफ़ से नहीं आते हैं, बल्कि झूठ के बाप की ओर से आते हैं! तो फ़िर आपने क्या करना चाहिए? झूठ को छोड़ दें और ख़ुदा को इजाज़त दें कि, वो आपको उस सच्चाई की याद दिलाए जो उसने आपके बारे में कही है।
यहाँ ख़ुदा की सच्चाई की सूचि हैं और उन्हें अपने दिल में बार-बार दोहराते रहें जब तक कि आप ख़ुद यक़ीन न कर लें।🤯:
- आपसे मोहब्बत की गयी हैं और आप ख़ुदा के बेटे है। *“देखो, हमारे आसमानी पिता ने हम पर कैसी अज़ीम मोहब्बत बरसाई हैं कि हम अब ख़ुदा के बेटे बन गए हैं। और यही हमारी पहचान हैं!” — १ यूहन्ना ३:१
- आपको माफ़ किया है। *“उसी में हमें उसके लहू के वसीले से रिहाई मिली हैं, गुनाहों की माफ़ी, ख़ुदा के फ़ज़ल की दौलत के मुताबिक़।” — इफ़िसियों १:७
- आप उसकी बेहतरीन हस्तकला है। *“हम ख़ुदा की बेहतरीन हस्तकला हैं। उसने हमें मसीह यीशु में नई ज़िंदगी दी ताकि हम वो भलें काम कर सके जो उसने पहले से ही हमारे लिए तय किए थे।” — इफ़िसियों २:१०
- आप उसके रूप में बनाए गए है। *“ख़ुदा ने इंसान को अपने ही रूप में बनाया हैं। ख़ुदा की सूरत में उसने उसे बनाया, नर और नारी दोनों को बनाया।” — उत्पत्ति १:२७
इन सच्चाइयों को तब तक दोहराते रहें, जब तक कि आप यक़ीन करें और आपका दिल ये गवाही न दे कि, हाँ, मैं ख़ुदा की बेटी हूँ, उसकी मोहब्बत में समाई गई हूँ और उसी के हाथों की रचना हूँ।