आपके दोस्त कौन हैं?
इस सीरीज़ “सब कुछ ख़ुदा के हवाले करे - वह संभालेगा” के चौथे दिन में आपका स्वागत है। आज हम दोस्ती पर ग़ौर करेंगे: ज़हरीले दोस्तों को छोड़ें और सही दोस्तों की दुआ, ख़ुदा से करें।
बाइबल हमें ग़हरी, सच्ची और वफ़ादार दोस्तों की महफ़िल में रहने की सलाह देती है। यह याद दिलाती है कि ऐसे दोस्त कितने क़ीमती होते हैं:
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*“सच्चा दोस्त हर हाल में वफ़ादार रहता है और भाई, मुसीबत के वक़्त मदद के लिये पैदा किया गया है।” — नीतिवचन १७:१७
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“दोस्ती का स्वाद उसकी ईमानदार सलाह में झलकता है।” — नीतिवचन २७:९
पर बाइबल हमें ग़लत और ज़हरीले दोस्तों के ख़तरों के बारे में भी सावधान करती है:
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*“जिसके दोस्त बेवफ़ा हैं, उसका अंजाम बरबादी है; लेकिन एक दोस्त ऐसा भी होता है जो भाई से भी ज़्यादा क़रीब है।” — नीतिवचन १८:२४
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*“धर्मी लोग अपने दोस्तों का चुनाव सोच-समझकर करते हैं, पर ग़लत दोस्ती रूह को गुमराह कर देती है।” — नीतिवचन १२:२६
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*“बुद्धिमानों के साथ चलकर तुम भी बुद्धिमान बनोगे; मग़र बेवक़ूफ़ की संगत तुम्हें नुक़सान पहुँचाएगी।” — नीतिवचन १३:२०
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*“ग़ुस्सैल इंसान से दोस्ती न करना, जल्दी भड़कने वाले के संग न रहना, क्योंकि उनके रवैये से तुम पर भी ग़लत असर हो सकता है और बेवजह मुश्क़िल में फँस सकते हैं।” — नीतिवचन २२:२४-२५
इसका यह मतलब नहीं कि आपके सारे दोस्त मसीही ही हों; ये बहुत अच्छी बात है अग़र आप ऐसे लोगों के भी दोस्त हैं जो अभी तक यीशु मसीह को नहीं जानते, क्योंकि आपके चाल-ढाल और रवैये से वे ख़ुदा की मोहब्बत महसूस करेंगे।
लेकिन सबसे ज़रूरी बात यह है कि, चाहे दोस्त मसीही हों या न हों, वे आपको गुनाहों में गिरने के लिए मजबूर न करें।
*“हे मेरे बेटे, अग़र पापी लोग तुम्हें फुसलाएँ, तो उनके बहकावे न आना। उनके साथ न चलना, उनके रास्तों पर क़दम न रखना।” — नीतिवचन १:१०,१५
ज़हरीली दोस्तियाँ हमें गुनाह, गपशप, ग़ुस्सा, जलन, हवस, या इंतक़ाम के जज़्बात जैसे गुनाहों में घसीट सकती हैं।
क्या आपकी ज़िंदगी में भी ऐसे दोस्त हैं जो आपके रूहानी ज़िंदगी पर बुरा असर डाल रहे हैं? अगर हाँ, तो आज आपका जाग उठने का वक़्त आया है—उन्हें आज ही अपनी ज़िंदगी से बेदख़ल कर दें। 🙏मै यह दुआ आपके लिए करती हूँ…
ऐ आसमानी पिता, मुझे समझ दे कि, मैं ज़हरीली दोस्तों को पहचान सकूँ, होंसला दे की मैं उन्हें छोड़ सकूँ और मैं नये और रूहानी दोस्त बना सकूँ। यीशु मसीह के नाम में आमीन।