डर मत, क्योंकि मैं तेरे साथ हूँ।
क्या आपके पास कोई ऐसा जुमला है या कोई बात, कोई ज्ञान - जो हमेशा आपके ज़ुबान पर होती है? मेरे पास है।
“अग़र कुछ भी हद से ज़्यादा अच्छा लगे, तो कुछ गड़बड़ है।” आज के ए आय के ज़माने में और हर तरफ़ विज्ञापनों और झूठे दावों की वजह से, सच और झूठ को पहचानना लगभग नामुमक़िन हो गया है। इसलिए ये वाक्य मेरे लिए एक राहनुमाई है - क्या मानना है और क्या नहीं।
अग़र ख़ुदा का कोई वाक्यांश होता, तो शायद वो, “डर मत” या “घबराना नहीं” होता।” क्योंकि बाइबल में इसका ज़िक्र ७० से ज़्यादा बार किया गया हैं! 😳ऐसा लगता है की ख़ुदा के लिए यह बहुत अहम है कि हम डर की ज़िंदगी न जीएँ।
यहाँ कुछ आयतें हैं:
- “क्या मैंने तुझे यह हुक़्म नहीं दिया? दबंग और दिलेर रहना। डर मत, न मायूस होना क्योंकि जहाँ भी तु जाएगा, ख़ुदा तेरे साथ रहेगा।” – यहोशू १:९
- “क्योंकि मैं तेरा ख़ुदावंद-ख़ुदा हूँ, जो तेरा दाहिना हाथ थाम कर कहता हूँ, डर मत, मैं तेरी मदद करूँगा।” – यशायाह ४१:१३
- “ख़ुदा ख़ुद तेरे आगे चलेगा और तेरा साथ देगा; वह तुझे न छोड़ेगा और न त्यागेगा। डर मत, मायूस न हो।” – व्यवस्थाविवरण ३१:८
तो, आप किस बात से घबराते है?
आज की चुनौती यह है की आप अपने हर डर को ख़ुदा के हवाले करके, उसे अपनी ताक़त बनाए। 💪
*“डर मत, मैं तेरे साथ हूँ; मायूस न हो, मैं तेरा ख़ुदावंद हूँ। मैं तुझे ताक़त दूँगा, तेरी मदद करूँगा, और अपनी दाहिनी हथेली से तुझे संभाले रखूँगा।” – यशायाह ४१:१०
आज दाऊद की तरह यह दिल से ऐलान करें:
“ख़ुदा मेरे साथ है; मैं नहीं डरूँगा। इंसान मेरा क्या बिगाड़ सकता है?” – भजन संहिता ११८:६