सेनाओं का ख़ुदा कहता है: न ताक़त से, न ज़ोर से, बल्कि मेरी आत्मा से होगा।
पिछले हफ़्ते, जेनी ने बाइबल की सबसे मशहूर लड़ाई पर एक ख़ूबसूरत सीरीज़ लिखी थी: दाऊद और गोलियात। इस हफ़्ते, हम ख़ुदा के कई नामों पर ग़ौर कर रहे हैं। गोलियात से लड़ने से पहले, दाऊद ने ख़ुदा को उसके नाम से पुकारा: अडोनाई त्सवाओट — सेनाओं का ख़ुदा।
*“तब दाऊद ने फ़िलिस्तीनी से कहा: ‘तू मेरे पास तलवार, भाला और बरछी लेकर आया है; पर मैं तेरे सामने सेनाओं के ख़ुदा — इस्राएल के फ़ौज का ख़ुदा — के नाम से आता हूँ, जिसे तूने ललकारा है।” – १ शमूएल १७:४५
“सेनाओं का ख़ुदा” का मतलब यह है कि ख़ुदा सारी रूहानी और ज़मिनी ताक़तों का सर्वोच्च सेनापति है — आसमानी फ़रिश्तों से लेकर इंसानी सेनाओं तक और पुरे क़ायनात के सबसे छोटे ज़र्रे तक। यह नाम उसकी पूरी ताक़त, हुक़ूमत और बादशाहत को एलान करता है।
बाइबल के कुछ अनुवाद में इसे आसमानी फ़ौजों का ख़ुदा भी कहा गया है।
क्योंकि दाऊद को इस नाम पर पूरा यक़ीन था, वह बे-ख़ौफ़ रहा। उसकी नज़र उस ख़तरनाक़ राक्षस, गोलियात पर नहीं बल्कि आसमानी फ़ौज पर थी!
बाइबल में हन्ना ने भी कुछ ऐसे ही किया था (१ शमूएल १:१०-११):
*“हे सेनाओं के ख़ुदा, यदि तू सच में अपनी दासी की तक़लीफ़ पर नज़र डालेगा और मुझे याद करेगा, अपनी दासी को न भूलेगा, और अपनी दासी को एक बेटा देगा, तो मैं उसे अपने ज़िंदगी के सभी दिन तेरे क़दमों के हवाले कर दूँगी, और उसके सिर पर कोई उस्तरा कभी फ़ेरा नहीं जाएगा।”
दाऊद की तरह हम भी, ज़िंदगी की हर मुश्क़िलों में सेनाओं के ख़ुदा को आवाज़ दे सकते हैं।
*“सेनाओं का ख़ुदा कहता है: न ताक़त से, न ज़ोर से, बल्कि मेरी आत्मा से होगा।” – ज़कर्याह ४:६