जो ख़ुदा की पनाह में रहता है, वह सर्वशक्तिमान की परछाई में विश्राम पाता हैं।
आपको गणतंत्र दिवस मुबारक़!!
क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे देश का यह नाम इंडिया कहा से आया है?
असल में, यह नाम सिंधु नदी से आया है। अजीब बात यह है कि, आज के सरहदों में, सिंधु नदी मुश्क़िल से ही हमारे देश से होकर बहती है। फ़िर भी, सदियों से यह नाम अटल रहा है — प्राचीन ग्रीक के समय से ही हमें इंडिया, यानी “सिंधु नदी के किनारे की ज़मीन”, कहा जाता रहा है।
क्या आप जानते हैं कि ख़ुदा का भी नाम है? दरअसल, उनके कई नाम हैं। इस हफ़्ते, हम साथ में उनमें से कुछ नामों पर ग़ौर करेंगे।
ख़ुदा ने ख़ुद को एल-शद्दाई के नाम से, आब्राहम पर ज़ाहिर किया, जिसका मतलब है सर्वशक्तिमान ख़ुदा। हम उत्पत्ति १७:१ में पढ़ते हैं:
*जब अब्राम की उम्र निन्यानवे साल की थी, तब ख़ुदावंद, अब्राम पर ज़ाहिर हुआ और उससे कहा, “मैं सर्वशक्तिमान ख़ुदा (एल शद्दाई) हूँ; मेरे सामने चलो और बेदाग़ रहो।”
इसके बाद, ख़ुदा ने अब्राम के साथ अपने वादे और इरादें साझा किए और उसका का नाम भी बदल दिया:
*“अब से तेरा नाम अब्राम नहीं, बल्कि अब्राहम होगा, क्योंकि मैंने तुझे कई राष्ट्रों का पिता बनाया है।” - उत्पत्ति १७:५
यहाँ कुछ अद्भुत हुआ था। ख़ुदा ने अब्राहम से तब मुलाक़ात की जब वह १०० साल का था और उससे वादा किया कि उसकी पत्नी एक बेटे को जन्म देगी, भले ही वे दोनों संतान देने की उम्र पार कर चुके थे। - उत्पत्ति १७:१७
ख़ुदा, अब्राहम पर 'एल-शद्दाई' — यानी सर्वशक्तिमान — के नाम से ज़ाहिर होकर अपने वादे पुरे करने का यक़ीन दिलाता है; वही ख़ुदा जो नामुमक़िन को मुमक़िन करता है।
हम भी उसी सर्वशक्तिमान ख़ुदा की सेवा करते हैं! सबसे ख़ास बात यह हैं कि वह हमारे क़रीब है और वह चाहता है कि हम भी उसके क़रीब आएँ!
*“जो ख़ुदा की पनाह में रहता है, वह सर्वशक्तिमान की परछाई में विश्राम पाता हैं।” (भजन संहिता ९१:१)
तो क्यों ना हम भी उसी सर्वशक्तिमान ख़ुदा की परछाई में विश्राम पाएँ।