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Publication date 21 जन. 2026

जैसे लोहा लोहें को तेज़ करता है, वैसे ही एक इंसान दूसरे को तराशता है।

Publication date 21 जन. 2026

पहेलियाँ (पज़ल्स) बनाना मेरा सबसे पसंदीदा शौक़ है क्योंकि इससे मुझे बहुत सुक़ून मिलता है। शायद मुझे पहेलियाँ बनाने की यह आदत मेरी दादी से मिली है। मुझे याद है कि बचपन में जब भी हम उसके घर मिलने जाते थे, तब अक़सर उसकी मेज़ पर कोई न कोई पहेली खुली होती थी, और मैं उसे सुलझाने में मदद करती थी।

एक बार उन्होंने मज़ाकिया अंदाज़ से कहा, “तु मुझ से मिलने तो आती है, पर लगता है कि तु बस पहेलियाँ बनाने आती है!” 🤭

हमारी असलियत, अक़सर परिवार के लोग पहचान लेते हैं। यही बात दाऊद के साथ भी हुई जब वह अपने भाइयों से मिलने, मैंदान-ए-जंग पर गया, और जब उन्होंने उसकी नीयत पर सवाल उठाया:

*“जब दाऊद का सबसे बड़ा भाई, एलीआब ने उसे सिपाहियों से बातें करते हुए सुना, तब उसने ग़ुस्से में जल उठाकर  बोला , ‘तू यहाँ क्यों आया है? और जंगल में उन थोड़ी सी भेड़ों को, तू किसके हवाले छोड़ आया है? मै तेरे घमंड और तेरी दिल की मंशा से अच्छी तरह वाक़िफ़ हूँ; तू बस यह तमाशा देखने आया है।’” (१ शमूएल १७:२८

पहली नज़र में यह बात बस एक बड़े भाई की सख़्ती या झुंझलाहट लग सकती है, लेकिन अगर गहराई से देखें तो इसमें कहीं न कहीं कोई सच्चाई, कोई दबा हुआ एहसास भी झलकता है। शायद एलीआब की नज़रों में दाऊद की नियत बेपर्दा थी।   

कल हमने देखा कि दाऊद के इरादे पूरी तरह साफ़ नहीं थे। उसकी बहादुरी और वीरता के बावजूद, यह भी मुमक़िन था कि उसकी नियत में कहीं न कहीं स्वार्थ और महत्वाकांक्षा भी थी - शायद राजकुमारी से शादी का ख़याल भी उसे प्रेरित कर रहा था।

आगे चलकर दाऊद की कमज़ोरी, औरतें ही बनीं। उसने बतशेबा के साथ व्यभिचार किया और उसके पति, ऊरिय्याह की हत्या भी की। इस गुनाह की वजह से उसका नवजात बेटा मर गया और उसके परिवार पर ख़ुदा की सज़ा भी आई (२ शमूएल १२:९–१४)।

शायद उस वक़्त, जब दाऊद अभी एक लड़का ही था, अपने बड़े भाई की बात पर ग़ौर करता और अपने दिल की असली नियत को बदलता, तो यह तबाही टल सकती थी।

ये सब कहने का मक़सद है कि कभी-कभी, ख़ुदा हमारी ज़िंदगी में दूसरे लोगों को इस्तेमाल करता है ताकि वे हमारी तरक़्क़ी की रास्तों पर हमारी मदद कर सके।

*”जैसे लोहा लोहें को तेज़ करता है, वैसे ही एक इंसान दूसरे को तराशता है।” - नीतिवचन २७:१७ 

कौन है जो आपको तराश रहा है? और आपकी ज़िंदगी का कौन-सा हिस्सा है जिसे और तराशे जाने की ज़रूरत है?

आप एक चमत्कार हैं।

Jenny Mendes
Author

Purpose-driven voice, creator and storyteller with a passion for discipleship and a deep love for Jesus and India.