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Publication date 19 जन. 2026

मैं ख़ुदा का नाम लेकर आया हूँ

Publication date 19 जन. 2026

जब मेरा भतीजा ऐक्सल लगभग ३ साल का था, तो उसका सबसे पसंदीदा खेल था अपने पिता के साथ ‘दाऊद और गोलियात की कहानी’ को दोहराना। उसका पिता गोलियात बनकर ज़ोर से गरजता — “क्या मैं कोई कुत्ता हूँ, जो तू डंडों और पत्थरों के साथ मेरे ख़िलाफ आया है?” (१ शमूएल १७:४३) और ऐक्सल पूरे जोश से जवाब देता — “तू मेरे ख़िलाफ़ तलवार लेकर आया है, लेकिन मैं ख़ुदावंद के नाम में तेरा सामना करने आया हूँ!” (१ शमूएल १७:४५) फ़िर वह एक पत्थर घुमाने का नाटक करता, और उसके पिता पूरे नाटकीय अंदाज़ में ज़मीन पर गिर पड़ते। यह देखकर ऐक्सल ख़ुशी से उछल पड़ता, ज़ोर-ज़ोर से हँसता और झूम उठता। वह इस कहानी को बार-बार दोहरा सकता था — न थकता, न रुकता, जैसे उसके छोटे से दिल में दाऊद का वही ईमान और हिम्मत धड़क रही हो।

मैं यह कहानी इस लिए बता रही हूँ क्योंकि इस हफ़्ते हम बाइबल की एक वही मशहूर कहानी पर नज़र डाल रहे हैं - दाऊद और गोलियात की।

इस कहानी में एक क़द और उम्र में छोटा सा चरवाहा लड़का, एक बड़ा ख़तरनाक और ऊँचा राक्षस का मुक़ाबला करता है। वह उस राक्षस को महज़ एक गोफ़न और पत्थर से पराजित करता है और देखते ही देखते, पूरी इस्राएल की नज़रों में हीरो बन जाता है।

यह कहानी प्रेरणादायक है, क्योंकि हम सब अपनी ज़िंदगी में किसी न किसी राक्षस जैसे बड़े मुश्किलों का मुक़ाबला करते हैं। और जैसे ख़ुदा ने गोलियात को हराने में दाऊद की मदद की थी, वैसे ही वो आपके नामुम्किन हालातों और चुनौतियों पर जीत हासिल करने में आपकी भी मदद करेगा।

बाइबल की हर कहानी में गहरी सच्चाई और सबक छिपे हैं।

मिसाल के तौर पर, जब गोलियात ने इस्राएल की सेनाओं को ललकारा (१ शमूएल १७:१०) तब दाऊद ने इसे यूँ समझा कि वो ज़िंदा ख़ुदा की सेनाओं को ललकार रहा है (१ शमूएल १७:२६)। गोलियात की इस ललकार से दाऊद को ग़ुस्सा आया। गोलियात महज़ इस्राएल के लोगों की बेइज़्ज़ती नहीं कर रहा था बल्कि यहोवा का मज़ाक उड़ा रहा था।

यहाँ पर दाऊद की ख़ुदा के प्रति जुनूनी मोहब्बत दिखाई देती है। उसकी ख़ुद की ज़िंदगी में कमज़ोरियाँ और ग़लतियाँ ज़रूर थीं, लेकिन एक बात हमेशा साफ़ रही है कि, उसका दिल ख़ुदा के लिए बे-रोक मोहब्बत से भरा था और वही जुनूनी मोहब्बत उसे अज़ीम और दलेरी के काम करने के लिए प्रेरित करती रही।

आओ मिलकर दुआ करें:

ऐ आसमानी पिता, क्या तू मेरा दिल भी उसी जुनूनी मोहब्बत और जोश से भर देगा, जैसे दाऊद का था? मैं भी इस क़द्र पहचानी जाऊँ, जैसे एक ऐसी शख़्स जो ख़ुदा से बेहद मोहब्बत करती है, और जो उन लोगों के ख़िलाफ़ खड़ी होती है जो ख़ुदा को ललकारते हैं। यीशु मसीह के नाम में, आमीन। 

आप एक चमत्कार हैं।

Jenny Mendes
Author

Purpose-driven voice, creator and storyteller with a passion for discipleship and a deep love for Jesus and India.