ऐ ख़ुदा, तेरे ख़याल मेरे बारे में कितने क़ीमती हैं।
सोमवार मुबारक़! क्या सोमवार आपके लिए सच में ख़ुशियों से भरा है या उदासी से?
जनवरी के दूसरे या तीसरे सोमवार को "ब्लू मंडे" कहा जाता है — ये साल का सबसे उदास दिन माना जाता है। इस बात के पीछे कोई ठोस विज्ञान नहीं है, लेकिन कुछ वजहें बताई जाती हैं, जैसे क्रिसमस और नए साल के जश्न के बीत जाने के बाद का सन्नाटा और खाली जेबें, आनेवाले गर्मी का मौसम और स्क़ूल के इम्तेहान।
लेकिन हम, साल के सबसे उदास दिन पर, बाइबल के सबसे ख़ूबसूरत और प्रेरणादायक अध्याय पर ग़ौर करेंगे: भजन संहिता २३
"ख़ुदा मेरा चरवाहा है; मुझे किसी चीज़ की कमी न होगी। वह मुझे हरी-भरी चराइयों में बिठाता है,वह मुझे सुक़ून भरे झील के किनारे ले चलता है,वह मेरी रूह को तरोताज़ा करता है।वह अपने नाम के ख़ातिर,मुझे सही राहों पर चलाता है।
चाहे मैं मौत की साया-दार तराई से क्यों न गुज़रूँ,मैं किसी बुराई से नहीं डरूँगा,क्योंकि तू मेरे साथ हैं;तेरी लाठी और तेरी सोंटी मुझे तसल्ली देती हैं।
तू मेरे दुश्मनों के सामने मेरे लिए मेज़ बिछाता हैं,तू मेरे सिर पर तेल मलता हैं;मेरा प्याला उमड़ रहा है।बे-शक तेरी भलाई और तेरी मोहब्बतमेरी ज़िंदगी के सब दिनों में मेरा पीछा करेंगे,और मैं हमेशा के लिए ख़ुदा के घर में वास करूँगा।" — भजन संहिता २३:१-६
कुछ वक़्त निकालकर इस अध्याय पर मनन करें। इनमें से आपको कौनसी बात छू गई हैं?
जब भी मैं कोई जानी-पहचानी आयत पढ़ता हूँ, तो कुछ नया ढूंढने की क़ोशिश करता हूँ। इस बार जब मैंने भजन संहिता २३ पर मनन किया, तब यह एहसास हुआ कि, एक चरवाहे की देखभाल कितनी व्यक्तिगत, ख़ास और क़रीबी की होती है।
एक सच्चे चरवाहे की नज़र, सिर्फ़ अपनी भेड़ों पर होती हैं - यानी उनकी हर ज़रूरत पर, जैसे उनका खाना-पीना, विश्राम, रहनुमाई, हिफ़ाज़त, दिलासा और मोहब्बत।
इसी तरह आप भी हर पल, ख़ुदा के ख़्यालों में रहते हैं।
"ऐ ख़ुदा, मेरे बारे में तेरे ख़याल कितने क़ीमती हैं! उनकी गिनती भी नहीं हो सकती। मैं उन्हें गिनना चाहूँ तो वे रेत के कणों से भी ज़्यादा हैं!" — भजन संहिता १३९:१७-१८
इस ब्लू मंडे (उदास सोमवार) पर कुछ पल ठहरकर, यह समझ ले कि आप ख़ुदा की गहरी मोहब्बत की चादर में लिपटे हुए हैं। 💙