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Publication date 11 जन. 2026

आपकी रौशनी लोगों के सामने चमकने दो।

Publication date 11 जन. 2026

हम इस सीरीज़ के आख़री दिन पर पहुँच चुके हैं। आइए उस कहानी का सार याद करें—जहाँ ३ राजा दूर पूरब से बेतलहेम आए, उस नवजात राजा की तलाश में, जिसका जन्म उनके लिए एक रहस्यमय नए सितारे के ज़रिये से ज़ाहिर हुआ। (मत्ती २:१-१६)।

पहले दिन हमने चर्चा की कि ये लोग सिर्फ़ अमीर, होशियार या ताक़तवर इंसान नहीं थे; वे मैजाई (ज्योतिषी) थे, बिलकुल वैसे ही जैसे आज के ज़माने के राशिफ़ल पढ़ने वाले।

आसमान के उस नए चमकते सितारे की रहनुमाई से, वे नवजात राजा, यीशु मसीह की इबादत करने आए थे। न कि इस लिए कि वे ख़ुदा को मानते थे या इस्राएल के ख़ुदा में ईमान रख़ते थे बल्कि वे इस लिए आए क्योंकि सितारें ने उन्हें चिन्ह दिया।

ये लोग तलाश करने वाले थे - जो सितारों और आकाशीय संकेतों के अध्ययन में लगे रहते थे। हर रात को वे सितारों पर नज़र रखते थे और किसी चीज़ या इंसान की इबादत करने के लिए वजह और रहनुमाई ढूँढते थे। मरियम और यूसुफ़ की तरह, जो यहूदी थे, वे मसीहा के जन्म का इंतज़ार नहीं कर रहे थे, बल्कि किसी भी चिन्ह की तलाश में थे।

इस कहानी में जो बात मुझे सबसे ज़्यादा पसंद है, वह यह है कि उस नए तारे का पीछा करते हुए वे ३ राजा (मैजाई) यीशु मसीह से रूबरू हुए – लेकिन उस वक़्त वह एक नवजात और नम्र बच्चा था। यह शायद उनके उम्मीदों के मुताबिक़ नहीं था फ़िर भी, उन्होंने सर झुकाकर उसकी इबादत की और उसे भेंट चढ़ाई (मत्ती २:११)।

मैजाई की तरह, आज भी तलाश करने वाले हर तरफ़ मौजूद हैं और उनमें से ज़्यादातर, ग़लत जगह पर तलाश कर रहे हैं। तारों में नहीं, लेकिन शायद वे मोहब्बत, अपनापन या अपने वजूद की तलाश में हैं - पैसों, करियर या रिश्तों के ज़रिए।

वे उस ख़ालीपन को भरने के लिए, कुछ या किसी की तलाश कर रहे हैं, जिस प्यास की तलब सिर्फ़ यीशु मसीह ही पुरी कर सकता हैं।

और सबसे ख़ूबसूरत बात यह है कि हम भी वो “रहनुमाई का तारा” बन सकते हैं! यीशु मसीह ने कहा:

*“तुम जगत की रौशनी हो। पहाड़ पर बसा हुआ शहर छिपाया नहीं जा सकता। कोई भी जलते हुए चिराग़ को बर्तन से नहीं ढकता, बल्कि उसे दीवट पर रखता है —ताकि उसकी रौशनी से सारा घर जगमगा उठे। उसी तरह, तुम्हारी रौशनी लोगों के सामने यूँ चमके, कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर, तुम्हारे आसमानी पिता की महिमा करें।”मत्ती ५:१४-१६

आप एक चमत्कार हैं।

Jenny Mendes
Author

Purpose-driven voice, creator and storyteller with a passion for discipleship and a deep love for Jesus and India.