मेरे क़दमों के लिए, तेरा क़लाम चराग़ है और मेरी राह के लिए रौशनी है।
मैं आज यह क़बूल करती हूँ कि, मुझे गूगल मॅप्स के बिना जीना, नामुमक़िन हैं।🫣
मुझे रास्ते याद नहीं रहते हैं और दिशा समझने की क़ाबिलियत में, मैं बिलकुल गड़बड़ करती हूँ (कॅमरॉन से पूछिए 🤪)। लेकिन जब से गूगल मॅप्स आया है, मेरी हालत और भी मज़ेदार हो गई है। इसके बिना मैं पूरी तरह ख़ो जाती — या बस गोल-गोल घुमती रहती हूँ।
लेकिन यीशु मसीह के जन्म के बाद, जो तीन राजा (मैजाई) उसकी ख़ोज में आए, उन्हें राह दिखाने के लिए एक अनोखी "नेविगेशन प्रणाली" दी गई — एक नया तारा। आसमान में उसी एक नया चमकते तारे को देख कर उन्होंने उसके पीछे चलने का फ़ैसला लिया (मत्ती २:१-१६)।
रहनुमाई अहम है, ख़ासकर हमारे ईमान के सफ़र में। शुक्र है कि हमें अपनी रूहानी ज़िंदगी में रहनुमाई के लिए, गूगल मॅप्स या किसी तारे पर यक़ीन करने की ज़रुरत नहीं हैं।
तो रहनुमाई के लिए हमे क्या इस्तेमाल करना चाहिए? यह ३ चीज़ें:
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ख़ुदा का क़लाम
"मेरे क़दमों के लिए, तेरा क़लाम चराग़ है और मेरी राह के लिए रौशनी। मैंने क़सम खाई हैं और उस पर अडिग हूँ, कि मैं तेरे धार्मिक कानूनों का पालन करूँगा।" – भजन संहिता ११९:१०५-१०६
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पवित्र आत्मा
"जब सच्चाई की आत्मा आएगी, तब वह तुम्हे सच्चाई में रहनुमाई देगी। वह अपने आप नहीं बोलेगी; वह सिर्फ़ वही बोलेगी जो उसने सुना है, और वह तुम्हे आने वाली बातें बताएगी।” – यूहन्ना १६:१३
"रहनुमाई की कमी से एक राष्ट्र गिर जाता है, लेकिन कई सलाहकारों के ज़रिए से, जीत हासिल होती है।” – नीति वचन ११:१४
आइए, हम मिलकर दुआ करें और ख़ुदा से उसकी रहनुमाई की माँग करें।
ऐ आसमानी पिता, तेरा शुक्रिया कि हमें कभी भी अपना सफ़र, अकेले तय करने की ज़रूरत नहीं है। तू हमेशा रहनुमाई करता हैं। मुझे ________________ में, मैं ख़ास तौर से तेरी रहनुमाई की ज़रूरत है। मुझे तेरे क़लाम, पवित्र आत्मा और अन्य मसीही भाइयों और बहनों के ज़रिए रहनुमाई अता कर। यीशु मसीह के नाम में, आमीन।