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Publication date 9 जन. 2026

एक-दूसरे को मोहब्बत और भले काम की तरफ़ बढ़ाने का प्रोत्साहन दे।

Publication date 9 जन. 2026

मसीही होने के नाते, एक चीज़ जो मुझे बेहद पसंद है, वह यह है कि, दुनिया भर में हमारे मसीही भाइयों और बहनों का एक बड़ा परिवार हैं।

२० साल की उम्र में, मैं पहली बार अकेले ऑस्ट्रेलिया के सफ़र पर निकली। हिलसॉंग कॉलेज में मेरे कुछ दोस्तों ने मुझे अपने परिचितों से मिलवाया,और उसी के ज़रिए मुझे कुछ रातों के लिए एक मसीही परिवार के घर में ठहरने का मौक़ा मिल गया। फ़िर जैसे-जैसे मैं आगे बढ़ती गई, नए-नए लोग मिलते गए, और दरवाज़े खुलते गए। हर शहर में जहाँ मैं पहुँची, वहीं किसी न किसी ने अपने घर के दरवाज़े मेरे लिए खोल दिए। मेरा पूरा सफ़र इसी तरह गुज़रा।😃

हमारे ईमान के सफ़र पर भी यही लागू होता है – हमें अकेले चलने के लिए नहीं बुलाया हैं। ख़ुदा ने हमें अन्य विश्वासियों से भरा, एक ख़ूबसूरत परिवार का हिस्सा बनाया है, ताकि वे हमारे सफ़र में हमारी मदद कर सकें।

नवजात राजा, यीशु मसीह की तलाश में वे ३ राजा (मैजाई) भी अकेले नहीं गए - मत्ती २:१-१६

यहाँ, दो बातों पर ग़ौर करें। सबसे पहली बात, उनके पास एक-दूसरे का सहारा था, और दूसरी बात, उन्होंने मदद मांगी:

“पूरब से आए मागी यरूशलेम पहुँचे और पूछने लगे, ‘यहूदीओं का राजा जो पैदा हुआ है, वह कहाँ है? हमने उसका तारा देखा है जब वह उभरा और हम उसकी इबादत करने आए हैं।”मत्ती २:१-२

कभी-कभी, ज़िंदगी की भागदौड़ में, हम भी यीशु मसीह को देखने से चूक जाते हैं। उस वक़्त, दूसरों से थोड़ी मदद या रहनुमाई माँगने में कोई शर्मनाक़ बात नहीं है।

ख़ुदा ने हमें उसके और दूसरों के साथ, एक परिवार जैसे रहने के लिए बनाया है:

“हम एक-दूसरे को मोहब्बत और भले काम की तरफ़ बढ़ाने का प्रोत्साहन दे। एक-दूसरे से मिलना छोड़ें, जैसा कुछ लोगों ने इसे अपनी आदत बना दी हैं - एक-दूसरे को प्रोत्साहित करें, और इसे और भी ज़्यादा बढ़ावा दे क्योंकि ख़ुदा का वह ख़ास दिन क़रीब आ रहा है।”इब्रानियों १०:२४-२५ 

अगर आपको थोड़ी मदद और रहनुमाई की ज़रूरत हैं या बस कोई सुनने वाला चाहिए, तो हमारी ‘चमत्कार हर दिन’ की टीम आपके लिए यहाँ हाज़िर है! बस इस ई-मेल का जवाब दें, और कोई आपसे ज़रूर संपर्क करेगा।

आप एक चमत्कार हैं।

Jenny Mendes
Author

Purpose-driven voice, creator and storyteller with a passion for discipleship and a deep love for Jesus and India.