हम नज़र से नहीं, ईमान से ज़िंदगी जीते हैं।
इस हफ़्ते, उन ३ राजाओं (मैजाई) से प्रेरित होकर, हम सक्रिय रूप से ख़ुदा की तलाश के एक ख़ूबसूरत सफ़र पर चल पड़े हैं (कहानी पढ़ें: मत्ती २:१-१२)।
कल के चमत्कार के प्रोत्साहन में हमने यह देखा, कि कैसे वह ३ लोग सितारों और आकाशीय संकेतों के अध्ययन में लगे रहते थे। आख़िर में जब उन्हें एक नया तारा नज़र आया, तो उनके पास एक चुनाव था। वे अपने घरों की आरामदायक सीमा और अपने देशों की परिचित दुनिया में रह सकते थे - लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने पूरी शिद्दत से उस तारे का पीछा करते हुए, एक लम्बे सफ़र पर निकल पड़े।
उनकी यात्रा वाकई में एक साहसिक रोमांच से भरी थी, क्योंकि वे यहूदीओं के नवजात राजा (यीशु मसीह) की तलाश में थे:
“पूरब से आए मैजाई, यरूशलेम पहुँचे और पूछने लगे, ‘यहूदीओं का राजा जो पैदा हुआ है, वह कहाँ है? हमने उसका तारा देखा है जब वह उभरा और हम उसकी इबादत करने आए हैं।” – मत्ती २:१-२
सबसे पहले, उनका सामना एक बे-अक़ल, अंदर-से-कमज़ोर और सत्ता-लालची इंसान, राजा हेरोद से हुआ, जो किसी को भी मार देता था जो उसके लिए ख़तरा था। उसकी हिंसक हरक़तें और प्रतिक्रियाएँ, किसी को रहम नहीं दिखाती थीं (मत्ती २:२-१६)।
दूसरा - उस ज़माने के यहूदी क़ानून के अनुसार, ज्योतिष और भविष्यवाणी जैसी सारी प्रथाएँ, निषिद्ध मानी जाती थीं। फ़िर भी, वे ऐसे देश के सफ़र पर निकल पड़े जहाँ शायद उन्हें स्वीकार नहीं किया जायेगा।
जब मैं पहली बार, ख़ुदा की बुलाहट पर भारत आई, तब मन में यह बात साफ़ थी कि यह रास्ता आसान नहीं होगा — यह चुनौतियों और मुश्किलों से भरा सफ़र होने वाला है। मैंने उस सेवकाई को पीछे छोड़ दिया, जहाँ मुझे मोहब्बत, अपनापन और एक पहचान मिली थी — ताकि मैं एक ऐसे अनजान देश में आकर सेवा कर सकूँ जहाँ मैं किसी को नहीं जानती थी, और जहाँ से मुझे सब कुछ बिलकुल शून्य से शुरू करना था।
कभी-कभी ख़ुदा हमें ऐसे सफ़र पर बुलाता है जो हमारी आरामदायक सीमाओं से विपरीत होती है, लेकिन पूरी तरह से उसके मर्ज़ी के मुताबिक़ होती है। ख़ुदा की तलाश करने का मतलब महज़ उसके बातों को सुनना नहीं, बल्कि जब वह बुलाए, तो क़दम बढ़ाना भी है।
चिन्ह देखना एक बात है; लेकिन उसका पीछा करने के लिए हमेशा ईमान की ज़रूरत है।
“क्योंकि हम नज़र से नहीं, ईमान से ज़िंदगी जीते हैं।” – २ कुरिन्थियों ५:७
क्या आज ख़ुदा आपको अपनी आरामदायक जगह को छोड़ने की चुनौती दे रहा है?