ख़ुद को पाकीज़गी में बने रहने के लिए प्रशिक्षित करें।
हम इस सीरीज़, ‘साल की सही शुरुआत करने के लिए ७ सवाल’ के ५ वे दिन पर हैं और मुझे आपके ख़याल जानने में बेहद ख़ुशी होगी। क्या आपको इन सवालों से कोई मदद मिल रही हैं? हमें ज़रूर बताना।
आज का सवाल: इस साल मैं किस एक आत्मिक अनुशासन को अपना सकता हूँ?
आत्मिक अनुशासन, वे आदतें और तरीके हैं जो आपकी, ख़ुदा के साथ नज़दीकी बढ़ाने में मदद करते हैं। सबसे आम अनुशासन में शामिल हैं:
- दुआ
- मनन
- उपवास
- अध्ययन
- सादगी
- ख़ामोशी और तन्हाई
- शब्बाथ
- आज्ञाकारिता
- सेवा
- क़बूल करना
- इबादत
- रहनुमाई
- जश्न
इस सूची को पूरी ईमानदारी से निभाना शायद मुश्क़िल लग सकता हैं, जैसे ये कोई “क़ामिल मसीही” बनने की सूची हो - लेकिन याद रखें: आत्मिक अनुशासन, आप पर दबाव डालने के लिए नहीं बल्कि, आपको मदद करने के लिए हैं। वक़्त के साथ इन आदतों को अपनाने से आपके ज़िंदगी में सुक़ून, ख़ुशी और ख़ुदा के साथ नज़दीकी बढ़ती जाएगी।
*“बे-ख़ुदा अफ़सानों और पुरानी कहानियों से दूर रहे; बल्कि ख़ुद को पाकीज़गी में बने रहने के लिए प्रशिक्षित करें। जिस्मानी प्रशिक्षण कुछ हद तक फ़ायदेमंद है, पर पाकीज़गी हर चीज़ में लाभ देती है, जो न महज़ इस दुनिया के लिए, बल्कि आने वाले ज़िंदगी का भी वादा रखती है।”– १ तीमुथियुस ४:७-८
पवित्र आत्मा से यह सारे सवाल पूछें:
- क्या ऐसी कोई चीज़ है जिससे मुझे उपवास रखना (कुछ देर तक़ दूर रहना) चाहिए? - जैसे फ़ोन, या टीवी।
- कैसे मैं अपने घर के व्यवहार, हर दिन के समय और खाने-पिने की आदतों में सुधार ला सकता हूँ?
- कैसे मैं शब्बाथ को सही मायने में निभा सकूँ और इस ख़ास दिन को, ख़ुदा में मगन होने और विश्राम करने के लिए समर्पित कर सकूँ?
- कैसे मैं रोज़ाना अपने दोस्तों के साथ और उनके लिए भी दुआ कर सकूँ?
निजी तौर पर, मैं पिछले साल, ख़ामोशी और तन्हाई पर फ़िर से ग़ौर कर पाया हूँ। अब मैं हर दिन की शुरुआत ख़ुदा के साथ १५ मिनट की ख़ामोशी से शुरू करता हूँ। दुआ, इबादत या बाइबल पढ़ने से पहले, मैं बस चुपचाप बैठ जाता हूँ, आँखें बंद करके अपने दिल को यीशु मसीह में मगन होने के लिए ख़ुला रखता हूँ: न कोई संगीत, न कोई लफ्ज़, बस मैं और ख़ुदा।
अगर आप भी ख़ामोशी और तन्हाई के सफ़र पर चलना चाहते हैं, तो मैं YouVersion BibleApp पर, जेनी द्वारा लिखीत ‘ख़ामोशी और तन्हाई’ पर एक सुंदर पढ़ने की योजना पढ़ने की सिफ़ारिश करता हूँ।