असल मायने सिर्फ़ एक ही चीज़ रखती है — ईमान, जो मोहब्बत के ज़रिए अपना इज़हार करता है।
आपको नया साल मुबारक़!! 🎉
इस साल की शुरुआत, जैनी और मैं, आपके और हमारे पूरे चमत्कार परिवार के साथ करने के लिए बेहद उत्साहित हैं! हम दुआ करते हैं कि यह नया साल आपके लिए मोहब्बत, बरकतों और रूहानी तरक़्क़ी से भरपूर हो। आप हर दिन ख़ुदा के और नज़दीक आएँ, और आपका ईमान पहले से कहीं ज़्यादा गहरा और मज़बूत होता चला जाए।
मुझे लगा कि नए साल के पहले दिन की शुरुआत उस सबसे अहम और मुख्य मुद्दे से करना मुनासिब होगा, जो कि बाइबल का भी सबसे बड़ा पैग़ाम है: मोहब्बत!
*“ईमान, उम्मीद और मोहब्बत, ये तीन चीज़ें क़ायम रहेंगी। लेकिन मोहब्बत, इन में सबसे अज़ीम है।” – १ कुरिन्थियों १३:१३
बाइबल हमें सिखाती है कि हमें ख़ुदा से, ख़ुद से और दूसरों से मोहब्बत करनी चाहिए। जब यीशु मसीह से पूछा गया कि सबसे बड़ी आज्ञा क्या है, तब उसने जवाब दिया:
*“अपने पूरे दिल, प्राण और मन से ख़ुदा से मोहब्बत कर। यह पहली और सबसे बड़ी आज्ञा है। और दूसरी इसके जैसे है: जैसे आप अपने आप से मोहब्बत करते हैं वैसे ही अपने पड़ोसी से भी करे। सारा क़ानून और नबी इन्ही दो आज्ञाओं पर टिकें हैं।” – मत्ती २२:३७-४०
इस हफ़्ते, हम हर दिन एक सवाल पर ग़ौर कर रहें हैं। आज के मुद्दे पर मैं आपसे एक सवाल पूछना चाहता हूँ: इस साल आप कौन-सा व्यावहारिक लक्ष्य हासिल करेंगे, जिससे आपकी मोहब्बत और गहरी और सच्ची हो सके??
मोहब्बत को रोज़ाना ज़ाहिर करने के अनगिनत तरीके हैं - जैसे किसी का नाम याद रखना, बेहतर सुननेवाला बनना, दूसरों के लिए जज़्बाती तौर पर एक महफूज़ जगह बनाना, रक्षात्मक न होने का फ़ैसला करना, मेहमान-नवाज़ी का रवैया अपनाना, बेग़रज़ी से किसी की सेवा करना, ऑफिस की चुग़लियों से दूर रहना, या यौन शुद्धता के मामले में अडिग ईमानदार रहना।
याद रखें:
*“असल मायने सिर्फ़ एक ही चीज़ रखती है — ईमान, जो मोहब्बत के ज़रिए अपना इज़हार करता है।” – गलातियों ५:६
आइए, नए साल की शुरुआत इस दुआ से करें:
“ऐ आसमानी पिता, इस नए ख़ूबसूरत साल के लिए तेरा शुक्रिया। मुझे मदद कर कि मैं तुझसे, अपने आस-पास के लोगों से और ख़ुद से और ज़्यादा मोहब्बत कर सकूँ। इस साल, मुझे एक व्यावहारिक और बेग़रज़ी से मोहब्बत करने का रवैया अपनाने की ताक़त दे। यीशु मसीह के नाम में, आमीन।”