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Publication date 30 अग. 2025

जो कोई मेरी ख़ातिर अपनी जान देता है, वही सच्ची ज़िंदगी पाता है

Publication date 30 अग. 2025

मुझे आपके बारे में पता नहीं, लेकिन जब मैं दस कुँवारियों की कहानी पढ़ता हूँ (मत्ती २५), तो मेरे दिल में सबसे पहला और अहम सवाल यही उठता है: “ये तेल कहाँ से ख़रीदें?”

आइए, पता करें!

इस कहानी में, समझदार कुँवारियाँ उन दूसरी कुँवारियों से, जिनका तेल ख़त्म हो गया था, कहती हैं – कि जाओ, और अपने लिए और तेल ख़रीद लो (मत्ती २५:९)।लेकिन अफ़सोस, जब वे लौटती हैं, तो बहुत देर हो चुकी होती है। शादी का जश्न उनके बिना शुरू हो चुका होता है, और दरवाज़ा उनके लिए बंद किया जा चुका होता है। वे उस दावत में शामिल नहीं हो पातीं।

यह हमें पहला इशारा देता है कि: इस तेल को हासिल करने में वक़्त और मेहनत लगती है। इसे नासमज कुँवारियों की तरह जल्दबाज़ी में नहीं पाया जा सकता।

इस कहानी में तेल, यीशु मसीह के साथ हमारे गहरे रिश्ते और हमारी रूहानी क़रीबी, का निशान है।तो जब कोई पूछे – “ये तेल कहाँ से ख़रीदें?” तो मेरा जवाब यही होगा: ‘इस तेल को न खरीदा जा सकता है, न कमाया जा सकता है, और न ही किसी से उधार लिया जा सकता है। यह तो सिर्फ हर दिन की रूहानी मिलन, दुआ और यीशु मसीह के क़रीब चलने से हौले हौले विकसित होता है। 

बाइबल में जिस तेल का ज़िक्र हुआ है, वह जैतून का तेल है — जिसे निकालने के लिए जैतून को दबाने, पीसने, कूटने और अलग करने की लंबी, थकाने वाली और तकलीफ़देह प्रक्रिया से गुज़रना पड़ता था। यह तेल आसानी से नहीं मिलता था — इसे पाने के लिए एक क़ीमत चुकानी पड़ती थी।

आख़िर में, सारा तेल निक़ाल ने के बाद, उस जैतून में कुछ नहीं बचता है।

यीशु मसीह के साथ हमारा यह सफ़र भी कुछ ऐसा ही है – इसे ‘ख़ुद को त्यागना’ कहा गया है और बाइबल में ये कई बार लिखा है:

*“यीशु मसीह ने सबसे कहा, “अगर कोई मेरा चेला बनना चाहे, तो उसे अपने आपको त्याग कर, हर दिन अपना क्रूस उठाए हुए मेरे पीछे चलना होगा। क्योंकि जो कोई अपनी जान बचाएगा वह उसे खोएगा, लेकिन जो कोई मेरी ख़ातिर अपनी जान देता है, वही सच्ची ज़िंदगी पाता है”लूका ९:२३-२४

*“मैं तुम से सच सच कहता हूँ कि जब तक गेहूँ का दाना ज़मीन में पड़कर मर नहीं जाता, वह महज़ एक बीज बनकर रहता है; लेकिन जब मर जाता है, तो बहुत फल लाता है। उसी तरह, जो अपनी जान को इस दुनिया में बहुत चाहता है, वह उसे खो देगा; मगर जो अपनी जान से इस संसार में मोह नहीं रखता, वही अब्दी ज़िंदगी पाएगा।”यूहन्ना १२:२४-२५ 

*“अब मैं नहीं रहा - मैं यीशु मसीह के साथ क्रूस पर चढ़ाया गया हूँ, और वही मुझ में ज़िंदा है; मैं ख़ुदा के बेटे पर ईमान के ज़रिये इस शरीर में ज़िंदा हूँ, जिस ने मुझसे बेपनाह मोहब्बत की और मेरे लिये अपने आप को क़ुर्बान किया।”  – गलातियों २:२० 

अपने आपको त्याग देने और यीशु मसीह के साथ इस गहरे रिश्ते का तेल विकसित करने के कई तरीकें हैं – जैसे दुआ और इबादत करना, बाइबल पढ़ना, या मेरी पसंदीदा चीज़ों में से एक: ख़ामोशी और तन्हाई का अभ्यास करना।

अंत में, मैं बस यही कहूँगा की यीशु मसीह के साथ वक़्त गुज़ारें और जल्दबाज़ी न करें। उसे क़रीब से जानने की तमन्ना रखें और अपने दिल को उसके सामने ज़ाहिर करें।

(*इस प्रोत्साहन के कुछ आयत मेरे अल्फ़ाज़ और अंदाज़ में लिखे गए हैं)

आप एक चमत्कार हैं।

Cameron Mendes
Author

Worship artist, singer-songwriter, dreamer and passionate about spreading the Gospel.