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Publication date 29 अग. 2025

ख़ुदा हमारे दिल को देखता है

Publication date 29 अग. 2025

मैं पिछले एक साल से ज़्यादा वक़्त से नेदरलॅड में रह रहा हूँ और हालाँकि कई लोग यहाँ अंग्रेज़ी बोलते और समझते हैं, लेकिन यहाँ की भूमि-ज़ुबान डच है। रास्तों के साइनबोर्ड से लेकर दुकानों में हर चीज़ डच भाषा में लिखी होती है। इसी अनजान भाषा की वजह से मैंने कई बार गलत चीज़ ख़रीद ली है।

कोई भी चीज़ उसकी रंग-बिरंगी और लुभानेवाली पैकेजिग की वजह से बाहर से देखने में अच्छी और लज़ीज़ लग सकती है, लेकिन हकीक़त में तो उसके अंदर जो है, उसकी अहमियत ज़्यादा होती हैं।

यीशु मसीह की कही गई, दस कुँवारियों की कहानी में भी यही बात ज़ाहिर होती है (मत्ती २५)। देखने में वो सभी कुँवारियाँ एक जैसी लग रही थीं – शादी के लिये सज-धज कर तैयार और चमकते दीयों को हातों में लेकर वे दूल्हे का इंतज़ार कर रही थीं। लेकिन आखिर में, उनका बाहरी सज-धजना अहम नहीं था। सिर्फ़ पाँच ऐसी थीं जिनके पास, दिये के लिए ज़्यादा तेल था और उन्हीं को शादी की दावत में आने का मौक़ा दिया गया।

ये पैग़ाम हमारे लिये भी ज़रूरी है। इस दुनिया में हर कोई बस बाहरी ख़ूबसूरती को अहमियत देता है – हम क्या पहनते है, क्या ख़रीदते है, ख़ुद को कैसे पेश करते है – लेकिन ख़ुदा और भी गहराई से देखता है।

“इंसान तो महज़ बाहर का रूप देखता है, लेकिन ख़ुदा दिल की सच्चाई और नीयत को परखता है — क्योंकि ख़ुदा की नज़र वहाँ पहुँचती है जहाँ इंसानी आँखें नहीं जा सकतीं।”१ शमूएल १६:७

यही बात यीशु मसीह ने अपने सबसे मशहूर पहाड़ी संदेश में भी ज़ाहिर कि। उसने समझाया कि हमें इस बात की फ़िक्र नही करनी चाहिये कि हम क्या खाएँगे या क्या पहनेंगे (मत्ती ६:२५-३४)। और उसने आख़िर में कहा:

“तुम्हारा आसमानी पिता जानता है कि तुम्हें इन सब चीज़ों की ज़रूरत है। पर पहले तुम उसके राज्य और उसकी धार्मिकता की तलाश करें, और तुम्हारी सारी ज़रूरतें तुम्हें दी जाएँगी। इसलिये आने वाले कल की फ़िक्र न करें, क्योंकि कल की फ़िक्र कल ख़ुद कर लेगी। हर दिन के लिये उसकी अपनी मुश्किलें काफ़ी हैं।”मत्ती ६:२५-३४

आओ मिलकर दुआ करें:

ऐ आसमानी पिता, तेरा शुक्रिया कि तू इंसानों की तरह मेरे बाहरी रूप को नहीं, बल्कि मेरे दिल और नियत को परखता है। मुझे मदद कर कि मैं तुझे ही सबसे ज़्यादा चाहूँ और मेरी ज़िंदगी तेरे साथ, क़रीबी रिश्ते के तेल से भरी रहे। यीशु मसीह के नाम में, आमीन।

(इस प्रोत्साहन के कुछ आयत मेरे अल्फ़ाज़ और अंदाज़ में लिखे गए हैं)

आप एक चमत्कार हैं।

Cameron Mendes
Author

Worship artist, singer-songwriter, dreamer and passionate about spreading the Gospel.